बजट सत्र के दूसरे चरण में भी हंगामा जारी, एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष का संसद में प्रदर्शन
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में भी लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को भी संसद की कार्यवाही शुरू हो गई, लेकिन आज भी सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे की आशंका जताई जा रही है।
इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने देश में कथित एलपीजी संकट को लेकर संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संसद के मकर द्वार के पास कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), डीएमके और अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर के आकार की तख्तियां भी नजर आईं।
एलपीजी संकट पर चर्चा की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एलपीजी संकट पर चिंता जताई और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर इस मामले पर जवाब देना चाहिए क्योंकि देश को सच जानने का अधिकार है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार के सूत्रों के जरिए दिए जा रहे आश्वासन उसकी अक्षमता को उजागर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया में संभावित युद्ध के संकेत पहले से थे, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। उनका कहना है कि अब संकट गहराता जा रहा है और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
राहुल गांधी ने भी जताई चिंता
वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है और गलत विदेश नीति के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश के पास अभी भी तैयारी के लिए थोड़ा समय है और सरकार को तुरंत इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई तो करोड़ों लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर रही है और ऐसे समय में सरकार को अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि देश के लोगों को किसी बड़े संकट का सामना न करना पड़े।