IND vs SA: अक्षर पटेल को बाहर बैठाकर वॉशिंगटन सुंदर का दांव उल्टा पड़ा, 76 रन से हार के बाद असिस्टेंट कोच रायन टेन डेशकाटे ने दिया जवाब
अहमदाबाद, 23 फरवरी 2026: ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 स्टेज में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करारी 76 रन की हार झेलनी पड़ी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन ने सबको चौंका दिया, जब उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर रखकर ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया। यह फैसला टीम पर भारी पड़ गया और भारत की 12 मैचों की जीत की लय टूट गई।
कोच ने खोली सिलेक्शन की पोल
मैच के बाद असिस्टेंट कोच रायन टेन डेशकाटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विवादास्पद फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने कई दिनों तक विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया। साउथ अफ्रीका के टॉप और मिडिल ऑर्डर में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज (क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन और डेविड मिलर) होने के कारण ऑफ स्पिन विकल्प को प्राथमिकता दी गई। टेन डेशकाटे ने कहा, “हमने मैच-अप्स पर फोकस किया। पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन का रिकॉर्ड बेहतर था। हमने एक्स्ट्रा बैटर (रिंकू सिंह) को खेलाने के लिए भी यह फैसला लिया। जब दो विकल्प हों, तो किसी एक को चुनना पड़ता है। हमें लगा कि वॉशिंगटन पावरप्ले में प्रभावी साबित होंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अक्षर की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और विरोधी टीम की संरचना के आधार पर यह कठिन चुनाव था।
मैच के बाद असिस्टेंट कोच रायन टेन डेशकाटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विवादास्पद फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने कई दिनों तक विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया। साउथ अफ्रीका के टॉप और मिडिल ऑर्डर में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज (क्विंटन डी कॉक, रयान रिकेल्टन और डेविड मिलर) होने के कारण ऑफ स्पिन विकल्प को प्राथमिकता दी गई। टेन डेशकाटे ने कहा, “हमने मैच-अप्स पर फोकस किया। पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन का रिकॉर्ड बेहतर था। हमने एक्स्ट्रा बैटर (रिंकू सिंह) को खेलाने के लिए भी यह फैसला लिया। जब दो विकल्प हों, तो किसी एक को चुनना पड़ता है। हमें लगा कि वॉशिंगटन पावरप्ले में प्रभावी साबित होंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अक्षर की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन और विरोधी टीम की संरचना के आधार पर यह कठिन चुनाव था।
आंकड़ों में तस्वीर अलग
पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन का प्रदर्शन अक्षर से बेहतर रहा है। सुंदर ने 57 पारियों में 23 विकेट लिए, जबकि अक्षर ने 62 पारियों में 14। लेकिन मिडिल ओवर्स में अक्षर का रिकॉर्ड कहीं बेहतर है—79 पारियों में 63 विकेट, जबकि सुंदर ने 48 पारियों में सिर्फ 23। इस मैच में वरुण चक्रवर्ती महंगे साबित हुए और सुंदर को बीच के ओवरों में सिर्फ दो ओवर मिले, जिसमें उन्होंने 17 रन दिए बिना कोई विकेट नहीं लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्षर खेलते तो मिडिल ओवर्स में चार ओवर डालकर साउथ अफ्रीका की रफ्तार पर लगाम लगा सकते थे।
पावरप्ले में बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन का प्रदर्शन अक्षर से बेहतर रहा है। सुंदर ने 57 पारियों में 23 विकेट लिए, जबकि अक्षर ने 62 पारियों में 14। लेकिन मिडिल ओवर्स में अक्षर का रिकॉर्ड कहीं बेहतर है—79 पारियों में 63 विकेट, जबकि सुंदर ने 48 पारियों में सिर्फ 23। इस मैच में वरुण चक्रवर्ती महंगे साबित हुए और सुंदर को बीच के ओवरों में सिर्फ दो ओवर मिले, जिसमें उन्होंने 17 रन दिए बिना कोई विकेट नहीं लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्षर खेलते तो मिडिल ओवर्स में चार ओवर डालकर साउथ अफ्रीका की रफ्तार पर लगाम लगा सकते थे।
मैच का रोमांचक मोड़
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन डेविड मिलर (63*) और डेवाल्ड ब्रेविस की साझेदारी ने टीम को 187/7 तक पहुंचाया। भारत की गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विकेट लेने में नाकाम रही। जवाब में भारत 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्को जानसेन ने 4 विकेट झटके। यह भारत की T20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी हार है।यह हार भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अगले दोनों मैच जीतने होंगे। फैन्स और पूर्व खिलाड़ी (जैसे हरभजन सिंह और क्रिस श्रीकांत) ने इस सिलेक्शन को “अजीब” और “हैरान करने वाला” बताया है। टीम मैनेजमेंट पर अब दबाव बढ़ गया है।
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन डेविड मिलर (63*) और डेवाल्ड ब्रेविस की साझेदारी ने टीम को 187/7 तक पहुंचाया। भारत की गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विकेट लेने में नाकाम रही। जवाब में भारत 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्को जानसेन ने 4 विकेट झटके। यह भारत की T20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी हार है।यह हार भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अगले दोनों मैच जीतने होंगे। फैन्स और पूर्व खिलाड़ी (जैसे हरभजन सिंह और क्रिस श्रीकांत) ने इस सिलेक्शन को “अजीब” और “हैरान करने वाला” बताया है। टीम मैनेजमेंट पर अब दबाव बढ़ गया है।