दिल्ली AI इंपैक्ट समिट में ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन: पुलिस ने 5वीं गिरफ्तारी की, कृष्ण हरि की कार से टी-शर्ट-पोस्टर बरामद; मुकेश शर्मा फरार, छापेमारी जारी
- कृष्ण हरि (बिहार से युवा कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव)
- कुंदन यादव (बिहार युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव)
- अजय कुमार (उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष)
- नरसिम्हा यादव (तेलंगाना युवा कांग्रेस नेशनल को-ऑर्डिनेटर)
- जितेंद्र यादव (ग्वालियर से, पूर्व मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस से जुड़े)
पटियाला हाउस कोर्ट ने 4 को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
शनिवार को कोर्ट ने पहले चार आरोपियों—कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव—को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी और टिप्पणी की कि यह प्रदर्शन वैध असहमति नहीं, बल्कि ‘सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमला’ था, जिसने विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारत की डिप्लोमैटिक छवि को खतरे में डाला। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनीं और सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए।आरोपियों पर BNS की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- धारा 61/2 (आपराधिक साजिश)
- धारा 221 (सरकारी काम में बाधा)
- धारा 121 (पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना)
- धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना)
- धारा 189 (गैरकानूनी जमावड़ा)
- धारा 3(5) (साझा इरादे से अपराध)
पीएम मोदी का तीखा हमला
रविवार को मेरठ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। देश की जनता जानती है कि कांग्रेस वाले पहले से ही नंगे हैं।” पीएम ने प्रदर्शन को ‘आदर्शहीन’ और ‘देश की छवि को धूमिल करने वाला’ बताया।बीजेपी कार्यकर्ता शहर-शहर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ INDIA गठबंधन सहयोगी भी इस हरकत की निंदा कर चुके हैं।Gen Z में नाराजगी
प्रदर्शन से युवा पीढ़ी (Gen Z) में खासी नाराजगी है, जिसे कांग्रेस अक्सर ‘बदलाव की ताकत’ बताती है। कई युवा इसे देश के विकास और AI जैसे वैश्विक मुद्दे पर कांग्रेस की ‘नकारात्मक राजनीति’ मान रहे हैं।दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य टीमों ने फेशियल रिकग्निशन और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच जारी है और आगे गिरफ्तारियां संभव हैं। यह मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है, जहां कांग्रेस इसे ‘लोकतांत्रिक विरोध’ बता रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दे रहा है।