यूपी बीजेपी में बड़ा बदलाव: महाराजगंज सांसद पंकज चौधरी नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे, 14 दिसंबर को ऐलान संभव
दावेदारों की रेस: पंकज चौधरी सबसे मजबूत दावेदा :
सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत है। वे जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता माने जाते हैं और महाराजगंज में लगातार सात बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें वित्त राज्य मंत्री बनाया, जो उनकी क्षमता का प्रमाण है। हालांकि, अन्य दावेदारों में भी चर्चा है:
|
दावेदार का नाम
|
पृष्ठभूमि
|
समुदाय/मजबूती
|
|---|---|---|
|
पंकज चौधरी
|
महाराजगंज सांसद, वित्त राज्य मंत्री
|
कुर्मी (ओबीसी), केंद्रीय पसंद
|
|
साध्वी निरंजन ज्योति
|
पूर्व केंद्रीय मंत्री, फतेहपुर सांसद
|
निषाद (ओबीसी), हाल में नड्डा से मुलाकात
|
|
बीएल वर्मा
|
राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री
|
ब्राह्मण, संगठनात्मक अनुभव
|
|
धर्मपाल सिंह
|
योगी कैबिनेट मंत्री
|
ओबीसी, ग्रामीण आधार मजबूत
|
|
स्वतंत्र देव सिंह
|
जलशक्ति मंत्री
|
ओबीसी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
|
पार्टी ने नौ संभावित नामों पर विचार किया था—तीन-तीन ब्राह्मण, ओबीसी और दलित से—लेकिन ओबीसी पर अंतिम फैसला लिया गया। भूपेंद्र चौधरी ने हाल ही में पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह से मुलाकात की, जो ट्रांजिशन का संकेत है।पंकज चौधरी का प्रोफाइल: जमीनी नेता से केंद्रीय मंत्री तक
- जन्म और शुरुआत: 1965 में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में 1990 के दशक में प्रवेश किया। वे कुर्मी समुदाय से हैं, जो यूपी में ओबीसी का प्रमुख वोट बैंक है।
- चुनावी रिकॉर्ड: महाराजगंज लोकसभा सीट से 1991 से लगातार सात बार सांसद चुने गए। 2024 में उन्होंने 1.85 लाख वोटों से जीत हासिल की।
- संगठनात्मक भूमिका: बीजेपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व प्रदेश महासचिव रहे। वे पार्टी के किसान और ग्रामीण मोर्चे से जुड़े हैं।
- केंद्रीय पद: 2021 से वित्त राज्य मंत्री (राजस्व)। बजट सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं, लेकिन विपक्ष पर भ्रामक दावों को उजागर करने के लिए सक्रिय रहते हैं।
पंकज चौधरी की नियुक्ति से पूर्वांचल में पार्टी का आधार मजबूत होगा, जहां कुर्मी वोटर महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ हाल की बैठक में भी इस पर सहमति बनी।औपचारिक ऐलान का इंतजार है, लेकिन यह बदलाव बीजेपी की यूपी स्ट्रैटेजी को नई दिशा दे सकता है। अपडेट के लिए बने रहें।