• March 8, 2026

अचला एकादशी पर श्री तिरुपति धाम में भगवान श्री वेंकटेश की निकली सवारी शोभा यात्रा

 अचला एकादशी पर श्री तिरुपति धाम में भगवान श्री वेंकटेश की निकली सवारी शोभा यात्रा

श्री तिरुपति बालाजी धाम में अचला एकादशी पर भगवान श्री वेंकटेश जी की सवारी शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। अर्चकों ने पूरे विधि विधान से भगवान वेंकटेश जी की पूजा व आराधना की और भगवान का तिरुमंजन किया गया। भगवान वेंकटेश जी के चल विग्रह को पालकी में सवार करके शोभायात्रा निकाली गई।

श्रद्धालुओं ने भगवान वेंकटेश की सवारी को रस्सों से खींचकर तिरुपति धाम की परिक्रमा की। इस दौरान पूरा तिरुपति धाम परिसर जय भगवान वेंकटेश के उदघोष से गुंजायमान हो उठा। अचला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा व आराधना का विशेष महात्म्य है। वेंकटेश जी भगवान विष्णु का ही स्वरूप हैं। इसलिए श्री तिरुपति धाम में भगवान वेंकटेश का मुख्य मंदिर विद्यमान है। दक्षिण भारत से लाए गए पत्थरों से निर्मित इस मंदिर में भगवान वेंकटेश के आलौकिक दर्शन होते हैं। इस मुख्य मंदिर के साथ ही माता पद्मावती व माता गोदांबा के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। इनके अलावा धाम में श्री गरुड़ जी, श्री लक्ष्मी नृसिंह जी, श्री सुदर्शन जी, श्री रामानुज स्वामी जी, श्री शठकोप स्वामी जी एवं श्री हनुमान जी के मंदिर भी विशेष दर्शनीय हैं।

हिसार में लांदड़ी टोल प्लाजा के पास स्थापित श्री तिरुपति बालाजी धाम में स्थापित श्री गरुण स्तंभ, बलिपीठम, विशाल घंटाघर, पवित्र पुष्करणी, श्री तिरुपति यज्ञशाला व श्रीनिवास गोशाला का भी श्रद्धालुओं ने अवलोकन किया। तिरुपति धाम में 71 फुट ऊंचा गोपुरम भी निर्माणाधीन है। यह गोपुरम दक्षिण भारतीय शैली में वहीं के कारीगरों द्वारा निर्मित किया जा रहा है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *