• September 24, 2026

यूपी दिवस पर लखनऊ में उत्सव का आगाज: गृह मंत्री अमित शाह ने किया ‘यूपी महोत्सव’ का उद्घाटन, ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना की हुई शुरुआत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस यानी ‘यूपी दिवस’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ का राष्ट्र प्रेरणा स्थल भक्ति, शक्ति और सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत संगम का गवाह बना। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस भव्य समारोह का उद्घाटन करने लखनऊ पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय ‘यूपी महोत्सव’ के माध्यम से प्रदेश की बदलती तस्वीर और इसकी असीम क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश को देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों की सराहना की।

इस वर्ष के यूपी दिवस की सबसे बड़ी विशेषता ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODOC) योजना का शुभारंभ रही। ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) की अपार सफलता के बाद, योगी सरकार ने अब उत्तर प्रदेश के हर जिले के पारंपरिक जायके को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस योजना की शुरुआत करते हुए ओडीओसी व्यंजन मेले का भ्रमण किया और उत्तर प्रदेश की खान-पान की विविधता को सराहा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय रसोइयों और पारंपरिक खान-पान से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

पांच विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’

स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली पांच महान विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया। सम्मानित होने वालों में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और प्रसिद्ध शिक्षाविद् अलख पांडेय (फिजिक्स वाला) जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी को पुरस्कार स्वरूप 11-11 लाख रुपये की धनराशि, अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। यह सम्मान उन लोगों को दिया गया है जिन्होंने नवाचार, शिक्षा, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

समारोह के दौरान राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर देश के महापुरुषों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। गृह मंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा संग्रहालय का उद्घाटन किया और वहां लगी ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा, ढांचागत सुविधाओं में सुधार और कानून व्यवस्था की बेहतर होती स्थिति को चित्रों और मॉडलों के माध्यम से जीवंत किया गया है।

सांस्कृतिक विरासत और 12 पर्यटन सर्किट का प्रदर्शन

यूपी महोत्सव में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक ही छत के नीचे समेटने का प्रयास किया गया है। पर्यटन विभाग ने प्रदेश के सभी 12 पर्यटन सर्किटों, जिनमें बौद्ध, जैन, रामायण और महाभारत सर्किट शामिल हैं, की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को प्रदर्शित किया है। इसके साथ ही, माघ मेला-2026 की तैयारियों, बुंदेलखंड के पर्यटन स्थलों के संरक्षण और ईको-टूरिज्म बोर्ड की महत्वपूर्ण पहलों को भी दर्शकों के सामने रखा गया। लखनऊ दर्शन जैसी विशेष पहलों के स्टॉल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे।

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रदर्शनी ने आगंतुकों में देशभक्ति का संचार किया। इसके अतिरिक्त मिशन शक्ति और नवाचार पर आधारित स्टॉल्स के जरिए महिलाओं के स्वावलंबन और युवाओं की प्रतिभा को दिखाया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत मंत्रिमंडल के कई सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वैश्विक स्तर पर मना यूपी दिवस

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि इस बार यूपी दिवस का आयोजन केवल लखनऊ या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्राम स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मनाया जा रहा है। देश के लगभग 20 अन्य राज्यों में भी यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि और मंत्री शिरकत कर रहे हैं। यह कदम प्रवासी उत्तर प्रदेश वासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और प्रदेश की नई छवि को देश-दुनिया में फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश नीतिगत उदासीनता और संघर्ष की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और इसे ‘बीमारू’ राज्य माना जाता था। लेकिन आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इन बेड़ियों को तोड़कर भारत की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज के यूपी में विकास की असीम संभावनाएं हैं और प्रवासी भारतीय वैश्विक मंच पर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

यह तीन दिवसीय महोत्सव न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के बदलते आत्मविश्वास का प्रतीक है। आने वाले दो दिनों में यहां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों, कलाकारों, खिलाड़ियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश की प्रगति की असली पहचान हैं।

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