October 6, 2026

ataltv.com

Hindi News, Breaking Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, ताजा हिंदी ख़बरें

ताजमहल विवाद फिर अदालत में: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र और ASI को नोटिस जारी किया

प्रयागराज: ताजमहल को लेकर एक बार फिर कानूनी विवाद शुरू हो गया है। ताजमहल परिसर के भीतर ‘भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय’ नामक मंदिर होने का दावा करते हुए दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे गंभीर प्रकृति का मामला माना और केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) सहित सभी संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सभी पक्षों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब आगरा की निचली अदालत ने परिसर के वैज्ञानिक या एडवोकेट कमिश्नर के जरिए सर्वे कराने की मांग को खारिज कर दिया था। इससे पहले भी सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने से इनकार किया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करते हुए इन पुराने आदेशों को रद्द करने की मांग की है। याचिका में ताजमहल परिसर का निष्पक्ष सर्वेक्षण एडवोकेट कमिश्नर के जरिए कराने की भी मांग की गई है, ताकि वहां मौजूद संरचना और धार्मिक दावों की जांच की जा सके। यह याचिका अधिवक्ता हरि शंकर जैन और चार अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल की गई है। इसमें कथित धार्मिक संरचना ‘तेजो महालय’ को भी पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी दलीलें पेश कीं, जबकि अधिवक्ता सौम्या श्रीवास्तव अदालत में मौजूद रहीं। अब इस मामले में अगला कदम केंद्र सरकार और ASI के जवाब पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से ASI का जवाब अहम माना जा रहा है, क्योंकि ताजमहल की ऐतिहासिक स्थिति और संरक्षण का दायित्व उसी के पास है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.