• February 23, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर यात्रा के पहले दिन बड़ी सफलता हासिल की है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर यात्रा के पहले दिन बड़ी सफलता हासिल की है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ये निवेश ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे, जिससे राज्य में 20,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
यात्रा का विवरणमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23-24 फरवरी 2026 तक सिंगापुर में हैं। यह उनकी 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद पहली विदेशी यात्रा है। वे इसके बाद 25-26 फरवरी को जापान जाएंगे। सिंगापुर में उन्होंने विभिन्न निवेशकों, संस्थानों और कंपनियों के साथ बैठकें कीं, जिसमें राज्य की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे पर जोर दिया।
प्रमुख परियोजनाएं और निवेश विवरण

  1. अंतरराष्ट्रीय स्तर की टाउनशिप
    • स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट।
    • भूमि: 100 एकड़।
    • प्रस्तावित निवेश: 3,500 करोड़ रुपये
    • रोजगार: लगभग 12,000 लोगों को।
    • शुरूआत: 2027 में।
      यह परियोजना जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देगी।
  2. लॉजिस्टिक्स पार्क
    • स्थान: कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर।
    • भूमि: 50 एकड़।
    • प्रस्तावित निवेश: 650 करोड़ रुपये
    • रोजगार: लगभग 7,500
    • शुरूआत: 2027 में।
      यह पार्क प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को गति देगा।
  3. हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क
    • स्थान: नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में।
    • भूमि: 10 एकड़।
    • क्षमता: 40 मेगावाट आईटी पावर।
    • प्रस्तावित निवेश: 2,500 करोड़ रुपये
    • रोजगार: करीब 1,500
    • शुरूआत: 2028 में।
      मुख्यमंत्री ने ग्रुप को डेटा सेंटर के लिए लखनऊ आने का विशेष निमंत्रण दिया।

अन्य बैठकें और प्रयाससीएम योगी ने सिंगापुर के प्रमुख निवेश संस्थानों जैसे जीआईसी, डीबीएस ग्रुप और टेमासेक के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक अवसंरचना में संप्रभु निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों (जैसे गंगा एक्सप्रेसवे और ग्रीनको के साथ) की सराहना की।

ये MoU उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हर स्तर पर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दे रही है।
यह यात्रा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की रणनीति का हिस्सा है।
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