राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी: 1971 का इतिहास न भूलें, भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ महंगा पड़ेगा
केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif के हालिया बयान पर कड़ा जवाब देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इतिहास से सबक लेना चाहिए और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने की गलती नहीं करनी चाहिए।
रajnath सिंह ने 1971 के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब उसने बंगाल की ओर नजर उठाने की कोशिश की थी, तो उसका परिणाम देश के विभाजन के रूप में सामने आया था और एक नए राष्ट्र Bangladesh का गठन हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि यदि इस बार भी पाकिस्तान ऐसी कोई कोशिश करता है, तो उसके परिणाम क्या होंगे, यह समय ही बताएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है।
क्या कहा था ख्वाजा आसिफ ने?
इससे पहले, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि भारत किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान कोलकाता तक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि भारत किसी “फर्जी अभियान” की योजना बना रहा है, हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
आसिफ ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान किसी भी हमले का जवाब “त्वरित, सुनियोजित और निर्णायक” तरीके से देगा।
बढ़ता तनाव और पृष्ठभूमि
यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं। पिछले वर्ष 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी। इस दौरान भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत सैन्य कार्रवाई कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था।