October 7, 2026

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बिजली की बढ़ी मांग, पूरा करने में असमर्थ दिख रहा पावर कारपोरेशन

बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की डिमांड बढ़ती जा रही है, लेकिन उपलब्धता कम होने के कारण बिजली कटौती से प्रदेश के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। किसान ज्यादा परेशान हैं। स्थिति यह है कि रविवार को बिजली की मांग 28000 मेगावाट तक पहुंच गयी लेकिन उपलब्धता 25837 मेगावाट ही रही। वहीं ब्रेकडाउन को जोड़ा जाय तो दो हजार से अधिक बिजली की कमी हुई।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने रिकॉर्ड 4715 मेगावाट का उत्पादन कर स्थिति को कंट्रोल में रखा। वहीं सितंबर के अंत तक 2000 मेगावाट बैंकिंग की बिजली से भी उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिल रही है, लेकिन सितंबर में बिजली की उपलब्धता रोस्टर के मुताबिक रखने के लिए युद्ध स्तर पर इंतजाम करना होगा।

यूपीएसएलडीसी के तीन सितंबर को जारी आंकडों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर से जहां 1 घंटे 16 मिनट कम मिला। वहीं नगर पंचायत व तहसील को भी रोस्टर से 45 मिनट कम बिजली मिली।पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय न रहने के कारण वर्तमान में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित बनी रहे, जहां बिजली कंपनी अपने स्तर से प्रयासरत हैं। वहीं बड़े पैमाने पर बिजली कटौती का सामना भी उपभोक्ता कर रहा है।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि उत्तर प्रदेश उत्पादन निगम की सभी मशीन वर्तमान में चल रही हैं। लगभग 4715 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन केवल उत्पादन निगम कर रहा है, जिससे स्थिति काफी कंट्रोल में है, लेकिन आने वाले समय में जिस प्रकार से बिजली की डिमांड बढ रही है। पावर एक्सचेंज पर बिजली खरीदने वाले 50 हैं, लेकिन बिजली बेचने वाले मात्र चार-पांच हैं। इसकी वजह से ना चाह कर भी पावर एक्सचेंज से बिजली खरीद कर रोस्टर के मुताबिक विद्युत आपूर्ति किया जाना काफी कठिन काम है। ऐसे में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को सुचार विद्युत आपूर्ति देने के लिए बिजली कंपनियों को युद्ध स्तर पर काम करना होगा।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि अभी सितंबर तक 2000 मेगावाट बैंकिंग की बिजली मिलती रहेगी, जिसकी वजह से आने वाले समय में सितंबर में जो हमेशा की भांति अधिकतम डिमांड जाती है। उसमें काफी सहूलियत मिलेगी। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि पिछले वर्ष की बात करें तो अधिकतम डिमांड सितंबर के महीने में गई थी। ऐसे में सितंबर का महीना काफी अहम है और बिजली कंपनियों को जहां बिजली के इंतजाम पर ध्यान देना होगा। वहीं दूसरे तरफ ब्रेकडाउन को तत्परता पर अटेंड कर विद्युत उपभोक्ताओं को राहत दी जा सकती है।

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