कोलकाता में पीएम मोदी ने किया योग, जानिए क्यों 21 जून को ही मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
नई दिल्ली/कोलकाता: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में शनिवार, 21 जून को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य समारोह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास कर देशवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कोलकाता के अलावा लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पटना और अन्य प्रमुख शहरों में भी बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, कोलकाता के मुख्य कार्यक्रम में करीब 35 से 40 हजार लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो सकता है।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवनशैली है: पीएम मोदी
योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और बेहतर जीवन गुणवत्ता का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी है और यह मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा, संतुलन और दीर्घायु प्रदान करता है। आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
कैसे हुई अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी। वर्ष 2014 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड समर्थन मिला। दुनिया के 193 देशों में से 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक समर्थन प्राप्त प्रस्तावों में से एक माना जाता है। इसके बाद 21 जून 2015 को दुनिया भर में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। भारत में पहला मुख्य आयोजन दिल्ली के राजपथ पर हुआ था, जहां लगभग 36 हजार लोगों ने एक साथ योग कर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए थे।
21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस?
21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है, जिसे ग्रीष्म अयनांत (Summer Solstice) भी कहा जाता है। इस दिन सूर्य का प्रकाश और ऊर्जा पृथ्वी पर सबसे अधिक समय तक रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, योग भी ऊर्जा, संतुलन और स्वस्थ जीवन का प्रतीक है। यही कारण है कि प्रकृति और आध्यात्मिकता के इस विशेष संबंध को देखते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुना गया। भारतीय परंपरा में भी इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इसी कालखंड में आदियोगी भगवान शिव ने सप्तर्षियों को योग का प्रथम ज्ञान प्रदान किया था।
क्या है कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP)?
योग दिवस पर दुनिया भर में एक समान अभ्यास सुनिश्चित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) तैयार किया है।
लगभग 45 मिनट के इस कार्यक्रम में शामिल हैं:
- प्रारंभिक प्रार्थना
- सूक्ष्म व्यायाम और चालन क्रियाएं
- विभिन्न योगासन जैसे ताड़ासन, वज्रासन और भुजंगासन
- प्राणायाम, जिसमें अनुलोम-विलोम और भ्रामरी शामिल हैं
- ध्यान और संकल्प
इस प्रोटोकॉल को आम लोगों के लिए सरल और उपयोगी बनाया गया है।
दुनिया भर में मनाया गया योग दिवस
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है। भारत में लेह-लद्दाख की ऊंची चोटियों, सियाचिन ग्लेशियर और नौसेना के युद्धपोतों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए।वहीं विदेशों में पेरिस के एफिल टॉवर, न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और कई अन्य प्रतिष्ठित स्थलों पर भी हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
योग दिवस 2026 की थीम
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे बढ़ती उम्र के साथ भी शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रह सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग अभ्यास तनाव, अवसाद, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़ी कई अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।