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चुनावी माहौल व शादियों के चलते संसाधनों का अभाव: रवि जिंदल

राजधानी में करीब पांच महीने के बाद गुरुवार से अबूझ सावों की धूम मचने वाली है। देवउठनी एकादशी से शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिग कार्य शुरू होने वाले है, जिससे शहर की सड़कों पर बैंड-बाजे और बारातों की रौनक दिखाई देखी। लेकिन इस बार चुनावी माहौल को देखते हुए टैंट,लाईट,फ्लावर डेकोरेशन सहित मैरिज गार्डन व होटलों की रेट दुगुनी हो चुकी है। वहीं चुनावों के चलते शादी में बुक होने वाली ट्रैक्सी गाड़ियों के दाम भी आसमान छूने लगे है।

ऑल इण्डिया टेंट डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रवि जिंदल ने बताया कि इस बार देवउठनी एकादशी पर राजस्थान में करीब 45 से 50 हजार शादियां होने जा रही है। जिसमें जयपुर में आज साढ़े चार- पांच हजार शादियां होनी है। लेकिन चुनावी माहौल में अधिकांश मैरिज गार्डन चुनावी प्रत्याशियों ने बुक करवा रखे है। इसी के साथ चुनाव प्रचार-प्रसार करने वालों के लिए मैरिज गार्डन में ही मैस की सुविधा की गई है। चुनावी प्रचार के लिए प्रत्याशियों ने गाड़िया भी किराए पर ले रखी है। जिसके सीधा असर शादी के सावों पर पड़ रहा है।

हर चीजों के दाम बढ़े

हलवाई: देवउठनी एकादशी से पहले ही चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने मैरिज गार्डन व हलवाई की व्यवस्था कर ली थी। जिसके चलते शादियों में हलवाई की व्यवस्था के लिए दोगुना दाम देने पड़ रहे है। वहीं लाईट और ट्रेक्सी नम्बर गाड़ियों के भी यहीं हालात है। चुनावी प्रचार के चलते शादियों में किराए की गाड़ियों के दाम भी दो गुना हो चुके है।

फोटो ग्राफरः सोशल मीडिया पर प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार अच्छे से हो सके इस कारण अधिकांश फोटो ग्राफरों को नेताओं ने पहले से ही बुक कर लिया। जिसके कारण फोटो ग्राफर व वीड़ियोग्राफर के भाव भी आसमान पर चढ़े हुए है।

चुनावी प्रचार-प्रसार करने वालों ने अधिकांश होटले भी पहले से बुक कर ली हैं। जिसके चलते शादियों में होटल काफी महंगे दामों में मिल रहे है।

वीवीआईपी शादियों में दूसरे राज्यों से आएंगे संसाधन

बताया जा रहा है कि राजस्थान में हजारों शादियां व चुनावी माहौल को देखते हुए जो संसाधनों का अभाव हुआ है, उससे निजात पाने के लिए दूसरे राज्यों व ग्रामीण इलाकों से हलवाई ,वेटर, लाइट,फ्लावर डेकोरेशन सहित अन्य संसाधन मंगवाए जा रहे है।

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