विदेश में नौकरी का झांसा देकर 27 युवाओं से 19 लाख की ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, नोएडा में ज्योतिषी बनकर छिपा था आरोपी
- BREAKING NEWS CRIME NEWS DELHI INDIA NEWS Noida STATE TRENDING UTTAR PRADESH
Madhulika- July 4, 2026
- 0
- 8
- 3 minutes read
नई दिल्ली: विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी भारत मिश्रा उर्फ प्रीतम कुमार मिश्रा उर्फ राजेश प्रसाद (52) को नोएडा से गिरफ्तार किया है, जो पहचान बदलकर वहां ज्योतिषी के रूप में रह रहा था।
27 युवाओं से करीब 19 लाख रुपये की ठगी
पुलिस के अनुसार, यह मामला 2022-23 का है। गौतम कुमार थापा समेत 27 पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने दिल्ली के जनकपुरी स्थित DDA मार्केट में Sky-Blue Overseas Consultancy नाम से एक फर्जी ऑफिस खोल रखा था। यहां युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। उनसे पासपोर्ट जमा कराए गए और मेडिकल टेस्ट, वीजा प्रोसेसिंग तथा हवाई टिकट के नाम पर कुल मिलाकर करीब 19 लाख रुपये वसूले गए।
फर्जी वीजा और नकली टिकट देकर की ठगी
डीसीपी EOW के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आईडी प्रूफ का इस्तेमाल किया। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए मेडिकल जांच भी कराई गई और उन्हें फर्जी वीजा व नकली एयर टिकट भी दिए गए। इसके बाद जब सभी से पैसे और पासपोर्ट ले लिए गए, तो आरोपी अचानक ऑफिस बंद कर फरार हो गए और अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए।
नाम बदलकर नोएडा में बन गया ज्योतिषी
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी भारत मिश्रा नोएडा के सेक्टर-80 स्थित शिव धाम एनक्लेव में नाम बदलकर रह रहा था और वहां ज्योतिषी के रूप में काम कर रहा था। टेक्निकल सर्विलांस, फोन लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और 1 जुलाई को नोएडा में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी भारत मिश्रा के खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों तक पहुंचा जा सके और ठगी की गई रकम की बरामदगी की जा सके। पुलिस अब पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने और इस संगठित ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हुई है।