भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ उड़ान को तैयार, श्रीहरिकोटा से रचेगा नया इतिहास
नई दिल्ली: भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण जल्द ही सामने आने वाला है। हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-I’ लॉन्च के लिए तैयार हो रहा है। इस रॉकेट का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा, जो भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने हाल ही में विक्रम-I की नई तस्वीरें जारी की हैं। कंपनी के अनुसार, रॉकेट के दूसरे चरण का इंटीग्रेशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। ‘कलाम-250’ नाम से जाने जाने वाले इस चरण के पूरा होने के बाद परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। विक्रम-I पूरी तरह भारत में विकसित किया गया रॉकेट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका हल्का और मजबूत ढांचा है, जिसे उन्नत कार्बन-कॉम्पोजिट सामग्री से तैयार किया गया है। रॉकेट में ठोस ईंधन आधारित प्रणोदन प्रणाली का उपयोग किया गया है, जबकि अत्यधिक तापमान से सुरक्षा के लिए विशेष थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।
रॉकेट में आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो उड़ान के दौरान इसे सही दिशा में बनाए रखती है। इसके अलावा कंप्यूटर नियंत्रित सिस्टम रॉकेट के नोजल को लगातार नियंत्रित करते हैं, जिससे उड़ान अधिक सटीक और सुरक्षित बनती है। मल्टी-स्टेज डिजाइन के कारण उपयोग के बाद अलग होने वाले हिस्से स्वतः पृथक हो जाते हैं। करीब 24 मीटर ऊंचा विक्रम-I पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में 350 किलोग्राम तक के छोटे उपग्रहों को स्थापित करने में सक्षम है। इसके सफल प्रक्षेपण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां निजी कंपनियां स्वतंत्र रूप से उपग्रह प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करती हैं।