• February 27, 2026

नवी मुंबई में भव्य ‘हिंद-दी-चादर’ शहीदी समागम: गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर PM मोदी वर्चुअल संबोधन, 18-20 लाख श्रद्धालु अपेक्षित

नवी मुंबई/खारघर, 27 फरवरी 2026: गुरु तेग बहादुर जी, जिन्हें ‘हिंद-दी-चादर’ (हिंद की ढाल) कहा जाता है, की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र में विभिन्न जनजागरण कार्यक्रम जारी हैं। अल्पसंख्यक विकास विभाग और शहीदी समागम राज्य समन्वय समिति के संयुक्त तत्वावधान में पहले नागपुर (7 दिसंबर 2025) और नांदेड़ (24-25 जनवरी 2026) में सफल आयोजन हो चुके हैं। अब इस कड़ी में नवी मुंबई के खारघर स्थित ओवे मैदान (सेक्टर 29) में दो दिवसीय भव्य शहीदी समागम का आयोजन होने जा रहा है।कोंकण डिवीजन के डिविजनल कमिश्नर रामेश्वर नाईक (राज्यस्तरीय समन्वय समिति के समन्वयक) ने बताया कि कार्यक्रम 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 को होगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदर्शन (वर्चुअल) माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।प्रमुख अतिथि और उपस्थितिकार्यक्रम में कई केंद्रीय और राज्य स्तर के बड़े नेता शामिल होंगे:

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
  • महाराष्ट्र राज्यपाल आचार्य देवव्रत
  • महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
  • महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार
  • जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
  • गुजरात मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी
  • उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • गोवा मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत
  • हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
  • दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
  • तमिलनाडु भाजपा नेता के. अण्णामलाई
  • योग गुरु बाबा रामदेव, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) और साध्वी ऋतंभरा

इसके अलावा सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, मोहयाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासीन तथा भगत नामदेव संप्रदाय के संत, रागी जत्थेदार और विभिन्न धार्मिक नेता भी मौजूद रहेंगे।

उद्देश्य और कार्यक्रम की झलकइस समागम का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के शौर्य, धर्म स्वातंत्र्य, मानवता और न्याय के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
देश-विदेश से 18 से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

  • 27 फरवरी को नगर कीर्तन कार्यक्रम होगा।
  • मुख्य मंडप में 80,000 से 1 लाख सीटें, विभिन्न समाजों की स्वयंसेवी भागीदारी, भव्य लंगर, आध्यात्मिक प्रवचन, कीर्तन, ऐतिहासिक प्रदर्शनी और डिजिटल प्रसारण शामिल होंगे।
  • 10,000+ स्वयंसेवक सक्रिय रहेंगे।

प्रमुख व्यवस्थाएं

  • एनएमएमटी विशेष बस सेवाएं: 150+
  • पार्किंग: 38 स्थल
  • हेलिपैड: 3 विशेष
  • आवास: 25,000 लोगों के लिए
  • अस्थायी शौचालय: 1,000+
  • स्वच्छता कर्मचारी: 500+
  • स्वास्थ्य सुविधाएं: 300+ डॉक्टर/पैरामेडिकल स्टाफ, 15+ अस्थायी मेडिकल सेंटर, 1 अस्थायी आईसीयू, निकटवर्ती अस्पतालों में 350 बेड (75 आईसीयू) आरक्षित

यह आयोजन न केवल धार्मिक एकता का प्रतीक बनेगा, बल्कि गुरु जी के बलिदान को याद करने का भव्य मंच भी साबित होगा। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे समय पर पहुंचें और व्यवस्थाओं का पालन करें।

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