राज्यसभा में 37 सांसदों को विदाई, पीएम मोदी बोले— “राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं”
नई दिल्ली, 18 मार्च 2026: संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 37 सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के अवसर पर बुधवार को विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सदन को संबोधित करते हुए राजनीति में निरंतर सक्रियता और सीखने की प्रक्रिया पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि एक “बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी” है, जहां सांसदों को शिक्षा और दीक्षा दोनों मिलती है। उन्होंने कहा कि सदन में हर सदस्य का योगदान महत्वपूर्ण होता है और नए सांसदों को वरिष्ठ सदस्यों से सीखना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, “राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता है।” उन्होंने विदा हो रहे सांसदों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने अनुभव के साथ आगे भी समाज और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge और वरिष्ठ नेता Sharad Pawar की विशेष रूप से प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने H. D. Deve Gowda जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसदीय कार्यों को समर्पित किया है, जो सभी के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि सदन में कई बार खट्टे-मीठे अनुभव भी होते हैं, लेकिन ऐसे विदाई के अवसर पर सभी दलों को मिलकर सहयोग और सम्मान की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
इसके बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय लोग कभी वास्तव में रिटायर नहीं होते। “नेता न टायर्ड होते हैं और न ही रिटायर्ड,” उन्होंने कहा। खरगे ने अपने 54 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें आज भी लगातार सीखने की आवश्यकता महसूस होती है।
हाल ही में राज्यसभा की इन 37 सीटों पर नए सदस्यों का चुनाव भी संपन्न हुआ है, जिससे सदन में नए और अनुभवी चेहरों का संतुलन देखने को मिलेगा।