• March 18, 2026

Cyclone Ditwah Tragedy: श्रीलंका में 46 की मौत से हाहाकार, पीएम मोदी ने किया मदद का ऐलान; भारत के इन राज्यों में भी अलर्ट!

चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ (Cyclone Ditwah) ने श्रीलंका (Sri Lanka) में भारी तबाही मचाई है, जहाँ शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 लोग लापता हैं। श्रीलंका के कई जिले पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं, जिससे यह हाल के वर्षों की सबसे भयंकर मौसम आपदाओं में से एक बन गई है। इस मानवीय संकट को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पड़ोसी देश को तुरंत मदद भेजने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत सामग्री भेज चुका है और आगे भी सहयोग के लिए तैयार है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह तूफान अब भारत के तटवर्ती राज्यों की ओर भी बढ़ रहा है।

श्रीलंका में भूस्खलन से मौतें

चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ (Cyclone Ditwah) के कारण श्रीलंका (Sri Lanka) में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र डीएमसी (Disaster Management Center – DMC) ने बताया कि मध्य चाय उत्पादक जिले बादुल्ला (Badulla) में रात के समय हुए भीषण भूस्खलन के कारण कई घर मलबे में दब गए। इस एक घटना में 21 लोगों की मौत हो गई। द्वीप के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में एक दिन के भीतर 300 मिमी (11.8 इंच) से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसने बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी। डीएमसी के अनुसार, यह हाल के सालों में श्रीलंकाई द्वीप पर आई सबसे खतरनाक मौसम आपदाओं में से एक है। जलस्तर बढ़ने के कारण छतों से बचाए गए परिवारों सहित कुल 43,991 लोगों को स्कूलों और सार्वजनिक आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है।

पीएम मोदी का दुख और मदद का ऐलान

चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ (Cyclone Ditwah) के कारण श्रीलंका (Sri Lanka) में जानमाल के नुकसान पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कहा, “श्रीलंका के उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है, जिन्होंने चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ की वजह से अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूँ।” उन्होंने तुरंत पड़ोसी देश को मदद भेजने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने आगे कहा, “अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए, भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु (Operation Sagar Bandhu) के तहत तुरंत राहत सामग्री और जरूरी HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सपोर्ट भेजा है।”

भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने श्रीलंका (Sri Lanka) की मदद के ऐलान में भारत की विदेश नीति के सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ (Neighbourhood First Policy) और विजन महासागर (Vision MAHASAGAR) के अनुरूप, भारत जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, भारत और भी मदद देने के लिए तैयार है। इस त्वरित कार्रवाई ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका को मजबूत किया है। वहीं, श्रीलंकाई अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में यह तूफान और तेज हो सकता है, जिससे बचाव कार्यों में बाधा आ सकती है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात कर दिए हैं, लेकिन बारिश और भूस्खलन से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।

भारत के राज्यों में अलर्ट

चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ (Cyclone Ditwah) अब श्रीलंका (Sri Lanka) में तबाही मचाने के बाद भारत के तटवर्ती राज्यों की ओर बढ़ रहा है। इस खतरे को देखते हुए चेन्नई (Chennai) स्थित आईएमडी (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (Regional Meteorological Centre) ने तुरंत अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कई जिलों के लिए तीन घंटे का येलो अलर्ट जारी किया गया। इसके अतिरिक्त, पुडुचेरी (Puducherry) और दक्षिणी आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी है। सरकारें आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster Management Teams) को अलर्ट पर रख रही हैं, क्योंकि तूफान के भारत के तटीय क्षेत्रों से टकराने या उसके करीब से गुजरने की आशंका है।

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