• May 17, 2026

2019 के विवादित बयान मामले में आजम खान को 2 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान मामले में आजम खान को दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला सात साल पुराने एक बयान से जुड़ा है, जिसमें आजम खान ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उनका बयान सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था।

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आजम खान ने तत्कालीन जिला अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को लेकर कहा था, “डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरना। ये तनखइया हैं, तनखइयों से नहीं डरते। देखे हैं मायावती जी के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं। उन्हीं से है गठबंधन, उन्हीं के जूते साफ करवाऊंगा इनसे अगर अल्लाह ने चाहा।”

इस बयान को लेकर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

गौरतलब है कि आजम खान पहले से ही रामपुर जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को बड़ा झटका लगा था। रामपुर की सेशन कोर्ट ने 20 अप्रैल 2026 को दोनों की अपील खारिज कर दी थी और निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा था।

दोनों पर 2019 में दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने का आरोप लगा था। इस मामले में नवंबर 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया था।

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