राम मंदिर की रक्षा के लिए हिन्दुओं ने सत्रह दिनों
श्रीराम जन्म भूमि पर स्थित राममंदिर को मुगल सेना तोड़ रही है। यह सूचना जंगल में आग की तरह चारों तरफ फैल गई। लोग जुटने लगे, हिंदुओं में आक्रोश फैल गया। विरोध और संघर्ष का सिलसिला शुरू हुआ। अनगिनत बलिदानों से अयोध्या की धरती लाल हो उठी। संत, महंत, आचार्य, पुजारी, वेदपाठियों का बलिदान होने लगा तो स्थानीय जनता भी पीछे नहीं रही। राम मंदिर की रक्षा के लिए सत्रह दिनों तक संघर्ष जारी रहा। […]Read More






