भारत उत्सव प्रिय उल्लासधर्मा देश है। सतत कर्म यहां जीवन साधना है। पूरे वर्ष कर्म प्रधान जीवन और बीच-बीच में पर्व त्योहार और उत्सवों का आनंद। भारत के मन का मूल उत्स सांस्कृतिक है। उत्स का अर्थ है केन्द्र। उत्सव परिधि है। उत्सव उल्लासधर्मा होते हैं। वे भारत के लोक को भीतर और बाहर तक आच्छादित करते हैं। मकर संक्रान्ति का उत्सव ऐसा ही है। यह भारत के सभी हिस्सों में मनाया जा रहा है। […]Read More
भगवान श्रीराम का अतीत इतना व्यापक और विस्तारित है कि उस पर समझ और संज्ञान की सीमाएं हैं। उन्हें चिह्नित करना बहुत दूर की कौड़ी है। भारतीय समाज में श्रीराम उस वट वृक्ष की तरह हैं जिसकी छत्रछाया में भक्त, आलोचक, आम, खास, आराधक, विरोधी, संबोधक सबके सब न जाने कितने सालों से एक साथ चले आ रहे हैं। ‘श्रीराम’ भारतीय चिंतन परंपरा का सबसे चहेता चेहरा हैं। उनमें निर्गुणों व सगुणों सब ही का […]Read More
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास साधारण नहीं है । इसमें बलिदान के कुछ ऐसे प्रसंग भी हैं, जिन्हें पढ़कर आत्मा काँप उठती है। क्राँतिकारी सूर्यसेन और तारकेश्वर दत्त को फाँसी देने से पहले अमानवीय यातनाएँ दी गई। हथौड़े से दाँत तोड़े गये नाखून उखाड़े गये और फाँसी के बाद शव समन्दर में फेंक दिये गये। इतिहास के पन्नों में अधूरी सी यह कहानी उन क्रान्तिकारियों की है, जिन्होंने चटगांव बंदरगाह पर अंग्रेजों का शस्त्रागार लूटकर […]Read More
युग प्रवर्तक, भारत के गौरव पुरुष, वेदांत दर्शन के मर्मज्ञ, कर्मयोगी,भारत माता के सच्चे सपूत, युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 में कोलकाता में हुआ था। इनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था । इनके पिता विश्वनाथ दत्त उच्च न्यायालय कोलकाता में वकील थे। मां भुवनेश्वरी देवी ग्रहणी थी। 12 जनवरी को संपूर्ण भारत में विवेकानंद जी का जन्मदिन युवा दिवस के रूप मे मनाया जाता है। सर्वप्रथम 1984 में भारत सरकार […]Read More
युवा वर्ग सही मार्ग से न भटके, इसके लिए युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराते हुए सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना और उचित मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता बहुत बढ़ जाती है, जो प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को मनाया जाता है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि देश की आजादी की लड़ाई में अपना सब […]Read More






