बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन वापस लेने के बाद बीजेपी ने बदला उम्मीदवार, परिवार के चारा घोटाला कनेक्शन की चर्चा
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवार को बदल दिया है। पार्टी के पूर्व उम्मीदवार अभिषेक कुमार ‘बंटी’ ने नामांकन दाखिल करने के एक दिन बाद ही व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में उनके नामांकन वापसी के पीछे अन्य कारणों की भी चर्चा तेज है।
चारा घोटाले से परिवार के कथित संबंध पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बंटी के पिता रविन्द्र प्रसाद का नाम बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़ा रहा है। रविन्द्र प्रसाद सिन्हा मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन नामक कंपनी में मैनेजर थे, जिस पर चारा घोटाले में शामिल होने के आरोप लगे थे। उन पर अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने से धन की अवैध निकासी कराने का आरोप था।
सीबीआई की विशेष अदालत ने वर्ष 2022 में डोरंडा ट्रेजरी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत 75 लोगों को दोषी ठहराया था। इनमें रविन्द्र प्रसाद का नाम भी शामिल था। अदालत ने उन्हें तीन वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में सीबीआई ने वर्ष 2001 से 2003 के बीच तीन चार्जशीट दाखिल की थीं।
नामांकन पत्र में गलत जानकारी देने के आरोप
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बंटी पर नामांकन पत्र में शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी सही तरीके से नहीं देने के आरोप भी लगे हैं। उन्होंने अपने नामांकन में खुद को 10वीं पास बताया था, लेकिन उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर कुछ विसंगतियां सामने आने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इससे उनके नामांकन के निरस्त होने की संभावना भी बन सकती थी। ऐसे में बीजेपी ने किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने का फैसला किया।
नीरज कुमार सिन्हा को बनाया नया उम्मीदवार
अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के बाद बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपना नया उम्मीदवार घोषित किया है। उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नीरज कुमार सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में काम करेंगे और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनाव लड़ेंगे।
कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?
पटना निवासी नीरज कुमार सिन्हा करीब 20 वर्षों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली थी और बूथ स्तर से संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए आगे बढ़े। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नरेंद्र भारती मंडल में बूथ प्रमुख के रूप में की और बाद में मंडल महामंत्री भी रहे।
संगठन में उनकी सक्रियता और युवा कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष भी बनाया था। बीए स्नातक नीरज कुमार सिन्हा ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका बीजेपी और जनसंघ की विचारधारा से पुराना संबंध रहा है। उनके चाचा नरेंद्र भारती जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और उनके निधन के बाद स्थानीय मंडल का नाम उनके सम्मान में नरेंद्र भारती मंडल रखा गया।