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शादी अनुदान योजना में आधार आधारित प्रमाणीकरण की लागू हुई नई व्यवस्था

प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी योजनाओं को लागू करने में जुटी हुई है। अन्य पिछड़े वर्ग के गरीब परिवार की बेटियों को बीस हजार रुपये शादी अनुदान दे रही है। इस योजना को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण की नई व्यवस्था ई-केवाईसी. संबंधी महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। यह जानकारी बुधवार को जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी ने दी।

उन्होंने बताया कि शादी अनुदान योजना का लाभ प्रथम आगत प्रथम पावत के सिद्धान्त के अनुरूप उपलब्ध बजट की सीमा तक प्राप्त आवेदन पत्र पर नियमानुसार निर्धारित अनुदान राशि 20 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा।

योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) के गरीब व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता करने के लिए शादी अनुदान योजना संचालित है। पिछड़ी जाति शादी अनुदान योजनान्तर्गत अन्य पिछड़े वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) के गरीब व्यक्ति अपनी पुत्री की शादी के लिए आवेदन करने के लिए विभागीय वेबसाइट में आधार आधारित प्रमाणीकरण की नई व्यवस्था (ई-केवाईसी.) संबंधी कतिपय महत्वपूर्ण परिवर्तन किये गये है। अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदक को निम्नानुसार आधार कार्ड लिंक मोबाइल नम्बर पर ओटीपी के माध्यम से अपना आवेदन shadianudan.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन करना होगा।

उन्होंने बताया कि शादी के लिए अनुदान योजना में ऑनलाइन आवेदन पत्र भरे जाने के लिये सर्व प्रथम आवेदक द्वारा ऑनलाइन आवेदन भरने से पूर्व अपने आधार कार्ड एवं आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नम्बर तथा जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाते की पासबुक (जिसमें पूर्ण विवरण हो), शादी का कार्ड आदि अभिलेख होना आवश्यक है।

आवेदक (माता-पिता एवं अभिभावक) शादी अनुदान पोर्टल http:hadianudan.upsdc.gov.in पर अपने रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आधार नंबर अंकित कर आधार अभिप्रमाणन की प्रक्रिया शुरू करेगा। शादी अनुदान पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24 से आवेदक तथा पुत्री, जिसकी शादी अनुदान के लिए आवेदन किया जा रहा है, दोनों का आधार आधारित ई-केवाईसी सुनिश्चित किया जाना है। आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ होना अनिवार्य है। आवेदक द्वारा शादी का प्रमाण पत्र एवं शादी का कार्ड (पठनीय हो), बैंक की पासबुक (पठनीय हो), प्रथम पृष्ठ जिसमें आवेदक (खाताधारक व बैंक का नाम, बैंक का खाता संख्या व आई.एफ.एस. कोड का विवरण अंकित हो) अपलोड किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि आधार का अभिप्रमाणन पूर्ण होने के उपरान्त प्राप्त रजिस्ट्रेशन नम्बर एवं मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लागिन कर आवेदन भरने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जायेगी। आवेदक की आय गरीबी सीमा के अन्तर्गत होनी चाहिए अर्थात शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये प्रति वर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय सीमा की पात्रता में आने वाले आवेदक ही आवेदन कर सकेंगे। शादी अनुदान हेतु ‘प्रथम आगत प्रथम पावत’ सिद्धान्त के अनुरूप उपलब्ध बजट की सीमा तक प्राप्त आवेदन-पत्रों पर नियमानुसार निर्धारित अनुदान राशि शादी अनुदान हेतु ‘प्रथम आगत प्रथम पावत’ सिद्धांत के अनुरूप उपलब्ध बजट की सीमा तक प्राप्त आवेदन-पत्रों पर नियमानुसार निर्धारित अनुदान राशि 20 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा।

योजना में विधवा एवं दिव्यांग आवेदकों को वरीयता प्रदान की जायेगी। 20 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा। आवेदन केवल शादी के दिनांक से 90 दिन पहले अथवा 90 दिन बाद तक ही स्वीकार्य किया जायेगा। किंतु उक्त अवधि की गणना वित्तीय वर्ष अर्थात 01 अप्रैल से 31 मार्च के मध्य होनी चाहिए। विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक एवं वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है। आवेदक आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट करने से पूर्व कोई भी प्रविष्टि में सुधार कर सकता है, लेकिन फाइनल सबमिट के उपरान्त आवेदन में किसी प्रकार का सुधार संभव नहीं होगा। एक परिवार से अधिकतम 02 बेटियों की शादी के लिए अनुदान अनुमन्य होगा।

उन्होंने बताया कि शादी अनुदान योजना से सम्बन्धित अन्य किसी जानकारी के लिए विकास भवन स्थिति जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कानपुर नगर कार्यालय में सम्पर्क करें।

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