आज पीएम मोदी से मिलेंगे शरद पवार गुट के सभी 8 सांसद, परिसीमन बिल के बीच तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
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Madhulika- August 9, 2026
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिलेगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सभी 8 सांसद आज सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। इस बैठक के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से समय लिया गया है। पार्टी की लोकसभा ग्रुप लीडर सुप्रिया सुले ने इसे आधिकारिक बैठक बताया है।
हालांकि, इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन फिलहाल किसी भी राजनीतिक बदलाव या नए समीकरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिसीमन बिल के बीच अहम मानी जा रही बैठक
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब संसद में परिसीमन (Delimitation) संशोधन विधेयक सहित कई अहम विधेयकों पर चर्चा जारी है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि परिसीमन प्रक्रिया के तहत लोकसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव आता है, तो एनसीपी (शरद पवार) इस विधेयक का समर्थन कर सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के हवाले से क्या जानकारी?
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर एनसीपी (शरद पवार) के साथ-साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और डीएमके ने भी सकारात्मक रुख दिखाया।
हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित दलों की ओर से नहीं की गई है।
राजनीतिक अटकलों पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले?
सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री से होने वाली यह मुलाकात सांसदों के अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए है।
उन्होंने कहा,
“इस बैठक को परिसीमन या किसी राजनीतिक समीकरण से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद पर हैं और उस पद का सम्मान होना चाहिए। हम दिन के उजाले में उनसे मिलने जा रहे हैं, इसलिए इस पर बेवजह अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए।”
FCRA बिल पर सरकार का करेगी विरोध
सुप्रिया सुले ने यह भी स्पष्ट किया कि FCRA संशोधन विधेयक पर उनकी पार्टी सरकार का समर्थन नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि एनसीपी (शरद पवार) की मांग है कि सरकार या तो इस विधेयक को वापस ले या फिर इसे विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे।
राजनीतिक चर्चाएं क्यों तेज हैं?
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल की घटनाओं ने हलचल बढ़ाई है। हाल ही में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए थे। इसके बाद से शरद पवार की पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को लेकर भी कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, एनसीपी (शरद पवार) की ओर से फिलहाल किसी भी संभावित राजनीतिक बदलाव या एनडीए के साथ नए समीकरण की पुष्टि नहीं की गई है।