RJD सांसद अभय कुशवाहा की CM सम्राट चौधरी से मुलाकात से बढ़ीं सियासी अटकलें, बिहार की राजनीति में नई चर्चा
बिहार की राजनीति में एक बार फिर अटकलों का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद अभय कुशवाहा ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अभय कुशवाहा बिहार की औरंगाबाद लोकसभा सीट से सांसद हैं और उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बताया गया है। वहीं, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी कहा कि इस मुलाकात के राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, “सांसद अभय कुशवाहा अपने संसदीय क्षेत्र और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। यह केवल एक शिष्टाचार मुलाकात थी।”
राजनीतिक गलियारों में क्यों बढ़ीं चर्चाएं?
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को केवल औपचारिक मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं। हाल के दिनों में देश की कई राजनीतिक पार्टियों में टूट और दल-बदल की घटनाओं ने ऐसी मुलाकातों को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है।
इसी वजह से सम्राट चौधरी और अभय कुशवाहा की मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
NDA से जुड़ा रहा है अभय कुशवाहा का राजनीतिक सफर
अभय कुशवाहा का राजनीतिक सफर भी इस मुलाकात को खास बनाता है। वह राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होने से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) से जुड़े रहे हैं, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है। बाद में उन्होंने राजद का दामन थाम लिया था।
ऐसे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और बढ़ा दिया है।
लोकसभा में RJD के चार सांसद
वर्तमान में बिहार से लोकसभा में राष्ट्रीय जनता दल के कुल चार सांसद हैं—
- मीसा भारती – पाटलिपुत्र लोकसभा सीट
- सुधाकर सिंह – बक्सर लोकसभा सीट
- अभय कुशवाहा – औरंगाबाद लोकसभा सीट
- सुरेंद्र प्रसाद यादव – जहानाबाद लोकसभा सीट
फिलहाल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सांसद अभय कुशवाहा की मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से इसे औपचारिक और विकास से जुड़ी बैठक बताया गया है। आने वाले दिनों में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या निकलते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।