• July 11, 2026

मोरिंडा नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप, बीजेपी ने राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मोरिंडा नगर निगम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से हस्तक्षेप की मांग की है। शनिवार को ढिल्लों ने राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ढिल्लों ने कहा कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव में जिस प्रकार की अनियमितताएं देखने को मिलीं, वैसा पंजाब के 70 वर्षों के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

‘दिनदहाड़े हाइजैक किया गया चुनाव’

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर पार्टी के पास बहुमत था, वहां सरकार समर्थित लोगों को जबरन अंदर भेजा गया, दरवाजे बंद कर दिए गए और अपने उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मोरिंडा का चुनाव “दिनदहाड़े हाइजैक” किया गया।

ढिल्लों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बीजेपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से लेकर मतदान तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, पार्टी के कई उम्मीदवारों के वैध नामांकन पत्र भी जबरन खारिज कर दिए गए।

राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा है और राजभवन की ओर से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लोगों की आवाज उठाती रहेगी।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

इस दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित है और पार्टी के भीतर जारी विवाद मुख्यमंत्री पद को लेकर है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस यह गलतफहमी पाल रही है कि वह पंजाब में सत्ता में आएगी, जबकि राज्य में अगली सरकार बीजेपी बनाएगी। भूपेश बघेल पांच बार आएं या दस बार, कांग्रेस की गुटबाजी खत्म नहीं होने वाली।”

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी लगाए थे आरोप

गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी मोरिंडा नगर निगम चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे। चन्नी का दावा है कि नगर निगम की 15 में से 12 सीटों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कांग्रेस पार्षदों को मतदान करने से रोक दिया और उनके साथ बल प्रयोग किया।

चन्नी ने आरोप लगाया कि बाद में एक निर्दलीय उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है और कांग्रेस इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देगी।

मोरिंडा नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है और अब यह मामला राज्यपाल से लेकर अदालत तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *