राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: एसआईटी आज सीएम योगी को सौंप सकती है प्रारंभिक रिपोर्ट, 5 लोगों पर एफआईआर की सिफारिश
लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार करीब 150 से अधिक पन्नों की इस रिपोर्ट में दान राशि के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। एसआईटी ने छह दिनों तक चली जांच के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए और बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान लगभग 40 गणनाकर्मियों को हटाकर उनकी जगह नए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई। प्रारंभिक जांच में दान राशि की गणना, बैंकिंग प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था में कथित खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट में चोरी और गबन के मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। साथ ही ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, कर्मचारियों और गणनाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की गई है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने कुछ अधिकारियों को विस्तृत जांच के लिए अयोध्या में ही रुकने के निर्देश दिए हैं। वहीं मंदिर ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने को कहा गया है। जांच में जुटाए गए दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा को रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया है। रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है। इस संवेदनशील मामले को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक मंथन जारी है, क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार के निर्णय के तहत हुआ था। वहीं इस मामले में दाखिल याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई संभावित है, जिसमें सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि एसआईटी की जांच अभी समाप्त नहीं मानी जा रही है और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए टीम को अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।