राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: SIT की बड़ी कार्रवाई की तैयारी, टिन्नू यादव समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी संभव
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब बड़े एक्शन की तैयारी में है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मुख्य संदिग्ध राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत कई लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, SIT जल्द ही टिन्नू यादव, दान राशि की गणना से जुड़े कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि वह चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रमुख संदिग्धों में शामिल है। आरोप है कि मंदिर की दानराशि का दुरुपयोग कर उसने एक आलीशान मकान का निर्माण कराया। मामले में उसका नाम राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी के रूप में भी सामने आया है, जिसके बाद विवाद और गहरा गया। SIT की जांच अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। टीम अब तक ट्रस्ट के 10 से अधिक प्रमुख पदाधिकारियों, दान की गणना करने वाले कर्मचारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान मंदिर में प्राप्त दान, नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, SIT मंदिर में मिले वास्तविक चढ़ावे और उसके आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच अंतर की पड़ताल कर रही है। विशेष रूप से सोने और आभूषणों के रूप में प्राप्त दान तथा उनके दस्तावेजी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसी इस आधार पर कथित अनियमितताओं और संभावित गबन की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। वहीं, जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण यह मामला सामने आया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे पदाधिकारियों को ट्रस्ट से बाहर किए जाने पर विचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, SIT अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। जांच टीम को सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।