• June 16, 2026

राम मंदिर चढ़ावा जांच: टिन्नू यादव ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा- ‘SIT जांच से सच सामने आएगा’

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) लगातार दूसरे दिन भी अयोध्या पहुंचा और मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों से पूछताछ की। इस बीच जांच के दायरे में आए राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव ने आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने SIT को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और मंदिर के सेवादारों से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती और उसके रिकॉर्ड को लेकर कुछ अनियमितताओं की जांच की जा रही है।

टिन्नू यादव पर उठे सवाल

मामले में टिन्नू यादव का नाम चर्चा में आने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति को लेकर लगाए जा रहे आरोप ईर्ष्या और गलत जानकारी पर आधारित हैं। टिन्नू यादव ने कहा, “मैं 1993 से संगठन से जुड़ा हूं। मेरी संपत्ति की जांच कराई जा सकती है। जिस जमीन और हॉस्टल की बात की जा रही है, वह मैंने वर्ष 2008 में खरीदी थी और उसका निर्माण कई वर्ष पहले पूरा हो चुका था। इसमें कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है।”

‘चढ़ावे की गिनती से मेरा कोई संबंध नहीं’

टिन्नू यादव ने स्पष्ट किया कि मंदिर में उनकी जिम्मेदारी केवल व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों तक सीमित थी। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, पंखे और अन्य सुविधाओं की देखरेख की जिम्मेदारी थी। चढ़ावे की गिनती या धन प्रबंधन से मेरा कोई लेना-देना नहीं था। नोटों की गिनती कौन करता था और उसकी प्रक्रिया क्या थी, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।”

SIT से अभी तक नहीं हुई पूछताछ

टिन्नू यादव ने बताया कि अभी तक SIT ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसी बुलाती है तो वह पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “SIT मुझे बुलाएगी तो मैं जरूर जाऊंगा। जांच होने दीजिए, सच सामने आ जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

जांच पर टिकी हैं निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में चर्चा बनी हुई है। SIT की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में चढ़ावे की रकम में कोई अनियमितता हुई थी। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों के बयानों की पड़ताल कर रही हैं।

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