लद्दाख में सेना का चीता हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, मेजर जनरल समेत 3 घायल; जांच के आदेश
लद्दाख सेक्टर में भारतीय सेना का एक चीता लाइट हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा 20 मई को हुआ, जिसमें हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलटों के साथ डिवीजन कमांडर मेजर जनरल सचिन मेहता घायल हो गए। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
सेना अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच समिति का गठन कर दिया गया है। शुरुआती स्तर पर दुर्घटना की वजहों की जांच की जा रही है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना लद्दाख के दुर्गम और संवेदनशील इलाके में हुई, जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां अक्सर चुनौतीपूर्ण रहती हैं। भारतीय सेना के चीता हेलीकॉप्टर का उपयोग मुख्य रूप से सैनिकों की आवाजाही, जरूरी सामान पहुंचाने, निगरानी और आपातकालीन अभियानों में किया जाता है।
हादसे की जानकारी मिलते ही सेना की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायल अधिकारियों एवं पायलटों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। सेना पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी, खराब मौसम, लैंडिंग के दौरान आई दिक्कत या अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। सेना का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र में सेना के हेलीकॉप्टर लगातार ऑपरेशन और लॉजिस्टिक सपोर्ट में जुटे रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, घायल पायलटों और मेजर जनरल सचिन मेहता की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।