महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री Narendra Modi के महिला आरक्षण को लेकर दिए गए संबोधन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। देशवासियों के नाम अपने संदेश में उन्होंने जहां महिलाओं से बिल पास न हो पाने पर खेद जताया, वहीं विपक्ष पर नारी सशक्तिकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद महिला आरक्षण एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें:
- प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही महिला आरक्षण बिल को पारित कराने के लिए आवश्यक 66 प्रतिशत समर्थन नहीं मिल पाया, लेकिन उन्हें देश की 100 प्रतिशत नारीशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त है।
- उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को रोकते हुए उन्होंने सिर्फ औपचारिक विरोध नहीं किया, बल्कि यह नारी के आत्मसम्मान पर चोट थी।
- प्रधानमंत्री ने “नारीशक्ति वंदन संशोधन” को समय की मांग बताते हुए कहा कि यह पूरे देश—उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—के संतुलित विकास के लिए जरूरी कदम है।
- उन्होंने कहा कि इस प्रयास को Indian National Congress और उसके सहयोगियों ने सदन में विफल कर दिया।
- पीएम मोदी के अनुसार, परिवारवादी राजनीति करने वाले दलों को डर है कि महिलाओं के सशक्त होने से उनका नेतृत्व कमजोर पड़ जाएगा।
- उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा किसी राज्य की हिस्सेदारी या प्रतिनिधित्व को कम करने की नहीं है, बल्कि सभी राज्यों की सीटों में समान अनुपात में वृद्धि करने की है।
- प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को “एंटी-रिफॉर्म” पार्टी बताते हुए कहा कि उसका इतिहास सुधारों को टालने और रोकने का रहा है।
- उन्होंने कहा कि यह मुद्दा श्रेय लेने का नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने का है।
- अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा और विरोध करने वाले दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं।
इस बयान के बाद महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा में रहने की संभावना है।