लोकसभा में तीन अहम बिल पेश, परिसीमन पर गरमाई सियासत; पीएम मोदी ने दी निष्पक्षता की गारंटी
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनमें महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों को लेकर संसद में तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है, खासकर परिसीमन विधेयक पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है।
विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन विधेयक को चुनावी लाभ के उद्देश्य से लाया गया है और इससे राज्यों के बीच असंतुलन पैदा हो सकता है। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा भी देखने को मिला।
हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं इस सदन को पूरी जिम्मेदारी के साथ आश्वस्त करना चाहता हूं कि चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो या पश्चिम—छोटे राज्य हों या बड़े—इस प्रक्रिया में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। पिछली परिसीमन प्रक्रिया में जो अनुपात तय किया गया था, उसी के अनुरूप आगे भी वृद्धि की जाएगी। अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं, वादा चाहिए तो वादा देता हूं।”
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में इन तीनों विधेयकों पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे निर्धारित किए गए हैं। 17 अप्रैल को चर्चा के बाद इन पर मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में ये विधेयक पेश किए जाएंगे, जहां 10 घंटे की चर्चा के बाद उसी दिन मतदान होने की संभावना है।