यूपी आबकारी नीति पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई खत्म, टेट्रा पैक शराब बिक्री पर PIL निस्तारित
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य की आबकारी नीति के तहत टेट्रा पैक में शराब की बिक्री की अनुमति दी गई है, जिससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि इस तरह की पैकेजिंग से बच्चे भी टेट्रा पैक को सामान्य पेय पदार्थ समझकर स्कूल ले जा सकते हैं।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस तर्क पर अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शराब खरीदना चाहता है, वह किसी भी रूप में खरीद सकता है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी शहर में इस प्रकार की बिक्री से शैक्षणिक संस्थानों में कोई वास्तविक समस्या सामने आई है।
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसी कोई स्पष्ट अनुमति उपलब्ध नहीं है, जिसमें आबकारी नीति के तहत टेट्रा पैक में शराब की बिक्री का उल्लेख हो। हालांकि, यह संकेत मिला है कि 4 फरवरी को एक प्रशासनिक निर्णय के जरिए छोटे पैक में शराब की बिक्री की अनुमति दी गई हो सकती है, लेकिन संबंधित नीति दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए।
कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि वह अपनी शिकायत को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष प्रतिनिधित्व के रूप में पेश कर सकता है, ताकि मामले की जांच कर उचित निर्णय लिया जा सके।