महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का आह्वान: 2029 चुनाव तक लागू हो नारी शक्ति वंदन अधिनियम
महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली नारी शक्ति को राजनीति में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए और इसके लिए महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से Nari Shakti Vandan Adhiniyam पारित किया था। अब समय आ गया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले विधानसभा चुनाव इसी प्रावधान के तहत कराए जाएं।
लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। आने वाले समय में लोकतंत्र को अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से शासन की गुणवत्ता और निर्णय प्रक्रिया दोनों मजबूत होंगी।
त्योहारों और सामाजिक प्रेरणा का जिक्र
प्रधानमंत्री ने देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों—रोंगाली बिहू, महा बिशुबा पणा संक्रांति, पोइला बैशाख, विषु, पुथांडु और बैसाखी—का उल्लेख करते हुए सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये पर्व देश में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं।
साथ ही, उन्होंने 11 अप्रैल से शुरू हो रही Jyotirao Phule की 200वीं जयंती और 14 अप्रैल को B. R. Ambedkar की जयंती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये अवसर सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों की याद दिलाते हैं।
संसद का विशेष सत्र और ऐतिहासिक फैसला
प्रधानमंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े अहम विधेयक पर चर्चा और उसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने इसे केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि आज महिलाएं विज्ञान, खेल, उद्यमिता, सेना और कला जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। सरकार ने पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास किया है, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है।
अब और देरी नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण पर चर्चा होती रही है, लेकिन अब इसे और टालना उचित नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर समर्थन देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकार या दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का दायित्व है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लोकतंत्र अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनेगा।