Rajasthan: अलमारी में मिला संदिग्ध बैग, खोला तो निकले 2000 के नोट !

राजस्थान के जयपुर में योजना भवन स्थित सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) दफ्तर में रखी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए से ज्यादा का काला धन मिलने का मामला सामने आया है. खास बात यह है कि जिस दिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2000 रुपये के नोटों को चलन से वापस लेने का फैसला किया, उसी दिन ये राशि सामने आयी।

जानकारी के अनुसार, अलमारी में मिली इस रकम में 2000 के 7,298 नोट मतलब एक करोड़ 45 लाख 96 हजार रुपये शामिल थे। साथ ही, 500 के 17 हजार 107 नोट मिले, जिनका मूल्य 85 लाख 53 हजार 500 रुपये है। साथ ही एक किलो वजनी सोने की एक सिल्ली भी मिली हैं जिस पर ‘मेड इन स्विट्जरलैंड’ लिखा हुआ था। सोने की कीमत बाजार भाव के अनुसार करीब 62 लाख रुपये आंकी जा रही है।

दरअसल, DoIT विभाग में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान शुक्रवार को विभाग के दफ्तर में रखी एक अलमारी की चाभी नहीं मिल रही थी। यह देख DoIT के अधिकारियों ने टेक्नीशियन को बुलाकर लॉक तुड़वा दिया। गेट खुलने पर अलमारी में उन्होंने फाइलों के अलावा एक संदिग्ध बैग रखा देखा फिर इसकी सूचना DoIT के एक अतिरिक्त निदेशक की तरफ से पुलिस को दी गई।

मौके पर जयपुर शहर के पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव भी पहुंचे। जब बैग को खोला गया तो उसमें से 2.31 करोड़ रुपये नकद और एक किलोग्राम वजनी सोने की सिल्ली बरामद हुई।

अब तक इस मामले में जयपुर सिटी पुलिस 6 लोगों को हिरासत में ले चुकी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह काला धन किसका है।

शीर्ष सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि काला धन विभाग के सरकारी अधिकारियों का है। उन्होंने ही अलमारी में पैसा छिपा रखा था। पैसा उन ठेकेदारों के माध्यम से अर्जित किया गया था जिन्हें कुछ महीने पहले टेंडर बांटे गए थे। हालांकि, सटीक जानकारी का पता लगाना अभी बाकी है।
इस बीच, पुलिस सरकारी विभाग के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है और अधिकारियों पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से अपनी नजर बनाये हुए हैं।

इसी बीच सरकारी विभाग की अलमारी से काले धन की बरामदगी को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक ट्वीट में कहा, “काला धन निगलकर गहलोत सरकार का पेट ऊपर तक भर दिया गया है, इसलिए आज सचिवालय ने करोड़ों की नकदी और सोना उगल दिया। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि विकास में निरंतर नीचे जा रहे राज्य में भ्रष्टाचार किस ऊंचाई पर पहुंच गया है, ये उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. सरकारी लीपापोती जारी है लेकिन जनता से कुछ भी छिपा नहीं है.”

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