ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के NSS विशेष शिविर में पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम पर जोर, स्वयंसेवकों ने दी शानदार प्रस्तुति
लखनऊ: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-7 के सात दिवसीय विशेष शिविर का पांचवां दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के थीम पर समर्पित रहा। इस दौरान शिक्षा विभाग की अध्यक्ष एवं NSS समन्वयक डॉ. नलिनी मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।डॉ. नलिनी मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें विकसित भारत की संकल्पना में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराती हैं। कार्यक्रम में मौजूद स्वयंसेवकों को उन्होंने संस्कृति संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों पर भी ध्यान देने की सलाह दी।कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि प्रतिभा किसी भी गांव में छिपी हो सकती है, बस उसे उजागर करने के लिए सही मंच और अवसर की आवश्यकता होती है। इससे व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।

वहीं, डॉ. रामदास ने राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल उद्देश्यों पर बल देते हुए नशा मुक्ति, दहेज उन्मूलन, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्य करने की अपील की। उन्होंने स्वयंसेवकों को इन लक्ष्यों को ध्यान में रखकर कार्य करने का आह्वान किया।विशेष शिविर के इस सांस्कृतिक सत्र में NSS स्वयंसेवकों ने अपनी जीवंत प्रस्तुतियां दीं, वहीं स्थानीय विद्यालय के बच्चों ने भी मनमोहक नृत्य, गीत और अन्य कलात्मक कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और उत्साह के साथ इसमें शामिल हुए। विद्यालय के शिक्षकों का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे पूरा आयोजन सफल और यादगार रहा।