कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ: कैलगरी में भारतीय कारोबारी हरप्रीत बराड़ के ठिकाने पर फायरिंग, गैंग ने ली जिम्मेदारी – “घर में घुसकर छाती में मारेंगे गोलियां”
कैलगरी (कनाडा): लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक बार फिर सात समंदर पार अपनी दहशत फैला दी है। कनाडा के कैलगरी शहर में गैंग के गुर्गों ने भारतीय मूल के कारोबारी हरप्रीत बराड़ के ठिकाने ‘मालवा टायर’ (Malwa Tyre) पर अंधाधुंध फायरिंग की है। वारदात के तुरंत बाद गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हुए खौफनाक चेतावनी जारी की है।
आरजू और टायसन बिश्नोई ने ली जिम्मेदारीहमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई ने ली है। फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई पोस्ट में गैंग ने स्पष्ट लिखा है कि यह हमला कैलगरी स्थित ‘मालवा टायर’ के मालिक हरप्रीत बराड़ पर किया गया है।
पोस्ट में टायसन बिश्नोई ने लिखा: “राम-राम सभी को। आज कैलगरी में मालवा टायर वाले हरप्रीत बराड़ पर जो फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी मैं (टायसन बिश्नोई) और मेरा भाई आरजू बिश्नोई लेते हैं। इसे हमने पहले भी चेतावनी दी थी, लेकिन यह बच गया था।”गैंग की धमकी: “घर में घुसकर छाती में मारेंगे गोलियां”पोस्ट में बेहद सख्त और खौफनाक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। गैंग ने आगे चेतावनी दी है: “अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। घर में घुसकर छाती में मारेंगे गोलियां। जो हमारे दुश्मनों को फंडिंग और सपोर्ट कर रहा है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
“हमले की वजह:
दुश्मनों को फंडिंग और हथियार देने का आरोपलॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हरप्रीत बराड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गैंग का दावा है कि बराड़ उनके दुश्मन गिरोहों को आर्थिक मदद (फंडिंग) पहुंचा रहा है। इसके अलावा वह दुश्मनों को हथियार और बुलेटप्रूफ गाड़ियां उपलब्ध करा रहा है। गैंग ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है और कहा है कि इसीलिए उसे निशाना बनाया गया।
क्या हुआ हमले में?
स्थानीय पुलिस के अनुसार, कैलगरी में मालवा टायर के परिसर और आसपास के इलाके में कई राउंड फायरिंग की गई। फिलहाल किसी की मौत या गंभीर चोट की कोई पुष्ट सूचना नहीं है, लेकिन घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। कनाडाई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो व पोस्ट की भी पड़ताल कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चुनौतीयह घटना लॉरेंस बिश्नोई गैंग की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और विदेशों में सक्रियता को एक बार फिर उजागर करती है। भारत में पहले से ही एनआईए और कई राज्यों की पुलिस द्वारा गैंग के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, लेकिन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों में गैंग की जड़ें मजबूत होने की बात सामने आती रही है।
कनाडाई पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियों के बीच अब इस मामले पर समन्वय बढ़ने की संभावना है।