भारत मंडपम AI समिट में यूथ कांग्रेस का ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन: इंडिया गठबंधन में फूट, सहयोगी दलों ने बनाई दूरी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई (यूथ कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं के ‘शर्ट उतारकर’ प्रदर्शन ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में बड़ी दरार पैदा कर दी है। इस घटना के बाद कई सहयोगी दलों ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस से दूरी बना ली, जिससे विपक्ष की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के अंदर भी इस कदम पर मतभेद उभर आए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस पर हमला बोल चुके हैं।
घटना का विवरण और कांग्रेस में आंतरिक मतभेदAI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने के कारण विवादास्पद बन गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनुशासन और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सलाह दी कि विरोध का तरीका और स्थान दोनों सोच-समझकर चुनना चाहिए।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन स्थान का चयन गलत रहा। हालांकि, पार्टी लाइन तय होने के बाद कई नेता सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का समर्थन करते नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही कांग्रेस पर तंज कसते हुए हमला किया था, लेकिन अब पार्टी के अंदर से उठती आवाजों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।सहयोगी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएंकांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती उसके अपने सहयोगी दल बनते दिख रहे हैं। इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख दलों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से दूरी बना ली है:
- समाजवादी पार्टी (सपा): प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी झूठी पार्टी है और सरकार भ्रम फैलाती है, लेकिन वे ऐसे प्रदर्शनों के पक्ष में नहीं हैं जो विदेशी प्रतिनिधियों के सामने देश की छवि को नुकसान पहुंचाएं।
- राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी): मनोज झा ने बताया कि देश में सरकार को लेकर गुस्सा है, खासकर भारत-अमेरिकी ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर, लेकिन AI समिट में प्रदर्शन सही विकल्प नहीं था। उन्होंने जोर दिया कि प्रदर्शन के लिए सही जगह का चुनाव जरूरी है।
- शिवसेना (उद्धव गुट): अरविंद सावंत ने कहा कि राजनीति में विरोध का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन की जगह की समझ होनी चाहिए। AI मंच अंतरराष्ट्रीय था, यहां से बचना चाहिए था। वहीं, आदित्य ठाकरे ने इसे प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म बताते हुए राजनीतिक विरोध को अनुचित ठहराया।
- पश्चिम बंगाल के आईटी मंत्री बाबुल सुप्रियो: सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि अंतरराष्ट्रीय नेता और वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुखों के मंच पर ऐसा प्रदर्शन देश की प्राथमिकताओं को गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। राजनीतिक मतभेदों की कीमत देश की गरिमा को नुकसान पहुंचाकर नहीं चुकानी चाहिए।
गठबंधन पर राजनीतिक असरयह घटना इंडिया गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है। सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं कांग्रेस को आईना दिखा रही हैं कि जहां देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय छवि का सवाल हो, वहां वे कांग्रेस की गलत नीतियों का साथ छोड़ सकते हैं। यह कांग्रेस के लिए बड़ी सीख है, क्योंकि गठबंधन में नेतृत्व केवल संख्याबल से नहीं, बल्कि भरोसे और समन्वय से तय होता है।