• February 23, 2026

दोस्त की मदद करने की कीमत: बेंगलुरु के इंजीनियरिंग छात्र का बैंक अकाउंट 7 करोड़ के साइबर फ्रॉड में फंसा

बेंगलुरु में एक इंजीनियरिंग छात्र की दोस्ती अब कानूनी मुसीबत में तब्दील हो गई है। उसने अपने दोस्त की मदद के चक्कर में बैंक खाते की पूरी एक्सेस डिटेल्स शेयर कर दीं, जिसका इस्तेमाल 7 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड में किया गया। छात्र अब खुद को धोखाधड़ी के बड़े मामले में फंसा पा रहा है, जबकि असली आरोपी दोस्त फरार बताया जा रहा है।
घटना कैसे शुरू हुई?

  • छात्र, जो शहर के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है, की आयुष नाम के व्यक्ति से करीब 1 साल पहले दोस्ती हुई थी।
  • नवंबर 2025 में आयुष ने छात्र से कहा कि उसके बैंक अकाउंट में कम बैलेंस के कारण ब्लॉक हो गया है और अस्थायी रूप से छात्र के अकाउंट का इस्तेमाल करना चाहता है।
  • भरोसे के चलते छात्र ने कर्नाटक ग्रामीण बैंक (Karnataka Gramin Bank) के अपने अकाउंट की पूरी डिटेल्स शेयर कर दीं। इसमें शामिल थे:
    • एटीएम से जुड़ा एयरटेल सिम कार्ड
    • नेट बैंकिंग यूजर आईडी
    • पासवर्ड
  • ये डिटेल्स छात्र ने डाक के जरिए भेजी थीं। डिटेल्स मिलते ही आयुष ने व्हॉट्सऐप पर कन्फर्मेशन मैसेज भेजे।

फ्रॉड का खुलासाकुछ महीनों बाद छात्र के बैंक ने उसे संपर्क किया और अकाउंट से हुए संदिग्ध बड़े लेन-देन की जानकारी दी। जांच में पता चला कि अकाउंट से लगभग 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जो साइबर फ्रॉड से जुड़े थे।

  • छात्र ने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी।
  • उत्तरी डिवीजन साइबर पुलिस स्टेशन में आयुष और अन्य संदिग्धों के खिलाफ धोखाधड़ी, साइबर अपराध से जुड़े आरोप में शिकायत दर्ज की गई है।
  • पुलिस ने छात्र के बैंक अकाउंट को तुरंत ब्लॉक कर दिया है ताकि और कोई लेन-देन न हो सके।
  • कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रॉड मात्र दो दिनों में ही 7 करोड़ का हुआ और पुलिस ने एक म्यूल ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है, जबकि आयुष फरार है।

साइबर सुरक्षा के लिए चेतावनीयह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि:

  • कभी भी अपनी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, OTP या अकाउंट एक्सेस किसी को भी शेयर न करें, चाहे वह कितना ही करीबी क्यों न हो।
  • बैंक अकाउंट ब्लॉक होने का बहाना आमतौर पर फ्रॉडस्टर्स द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
  • संदिग्ध लेन-देन की सूचना मिलते ही तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करें।

पुलिस जांच जारी है और इस मामले से जुड़े बड़े साइबर सिंडिकेट का खुलासा होने की संभावना है। छात्र की मासूमियत और दोस्ती पर भरोसा अब महंगा साबित हो रहा है।

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