• February 23, 2026

प्रयागराज: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर POCSO के तहत FIR, नाबालिगों से यौन शोषण का गंभीर आरोप; स्वामी बोले- ‘मुकदमा झूठा, जांच के लिए तैयार’

प्रयागराज/वाराणसी, 23 फरवरी 2026: प्रयागराज के झूंसी थाने में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न और अपराध के लिए उकसाने से जुड़े हैं। FIR में 2-3 अज्ञात व्यक्तियों का भी नाम शामिल है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
झूंसी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में निम्नलिखित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:

  • POCSO एक्ट: धारा 3 (बच्चे के साथ गंभीर यौन शोषण), धारा 4(2) (धारा 3 साबित होने पर सजा), धारा 5 (पद/शक्ति का दुरुपयोग कर यौन अपराध), धारा 6 (धारा 5 साबित होने पर), धारा 16 (अपराध के लिए उकसाना या मदद करना), धारा 17 (धारा 16 साबित होने पर सजा)
  • BNS: धारा 351(2)/351(3) (डर पैदा करना, दबाव बनाना या आपराधिक धमकी) सहित अन्य संबंधित धाराएं

शंकराचार्य का बयान: ‘मुकदमा झूठा, जांच में पूरा सहयोग’
वाराणसी स्थित अपने मठ में मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा,
“हम लोग निश्चिंत हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जो पुलिस आ रही है, वह आए और हम जांच के लिए तैयार हैं। गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं है। मुकदमा झूठा है। हम कहीं भाग नहीं रहे हैं। पुलिस का विरोध नहीं करेंगे। जनता सब जानती है। तीन कोर्ट हैं—निचली कोर्ट, हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ईश्वर है। आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा।”

उन्होंने शिकायतकर्ता पर निशाना साधते हुए कहा, “जो शिकायत कर रहा है, वो हिस्ट्रीशीटर है। कोर्ट भी उसकी सुन रहा है, शंकराचार्य की नहीं सुनी जा रही है।” शंकराचार्य ने आगे कहा, “माघ मेले में तो इतने सीसीटीवी कैमरे लगे थे, मीडिया थी। ऐसा कैसे हो सकता है? प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी हैं। गुरुकुल में कभी वो लड़के पढ़े ही नहीं। बच्चे क्या सीडी बना रहे थे? सिर्फ अखिलेश यादव नहीं, बाकी सब कह रहे हैं कि मेरे साथ गलत हो रहा है। मैं बैठा हूं, पुलिस को पूरा सहयोग करूंगा।”
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों ने पद और धार्मिक शक्ति का दुरुपयोग कर नाबालिगों के साथ यौन अपराध किए। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने FIR दर्ज की। प्रयागराज पुलिस की टीम जांच के लिए वाराणसी जा सकती है, जहां शंकराचार्य से पूछताछ संभव है।
यह मामला धार्मिक और सामाजिक स्तर पर काफी संवेदनशील है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यपरक तरीके से की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *