उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को नई गति: केंद्र से 125 करोड़ की सहायता, राज्य का योगदान 12% पहुंचा
लखनऊ, 8 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश दलहन उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार की विशेष सहायता से प्रदेश ने देश के कुल दलहन उत्पादन में 12 प्रतिशत का योगदान दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उत्तर प्रदेश को दलहन उत्पादन बढ़ावा देने के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान करने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कृषि मंत्री ने कहा, “यह सहायता किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के संकल्प को मजबूती देगी। उत्तर प्रदेश अब देश के शीर्ष दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल हो चुका है।”उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय प्रगति
- वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश ने 30.82 लाख मीट्रिक टन दलहन उत्पादन किया, जो देश के कुल 256.83 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का 12 प्रतिशत है।
- प्रदेश चौथे स्थान पर है।
- दलहनी फसलों की औसत उत्पादकता 12.01 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही, जो राष्ट्रीय औसत 9.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से काफी अधिक है।
- 2024-25 में दलहन की बुवाई 25.66 लाख हेक्टेयर में हुई, जिसे 2025-26 में बढ़ाकर 30.77 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
बीज वितरण और योजनाओं में जोरदलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत उन्नत प्रमाणित बीजों के वितरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1,05,642 कुंतल प्रमाणित बीज वितरित किए गए।
- राज्य सरकार की निःशुल्क बीज मिनीकिट योजना के तहत 12,413 कुंतल बीज वितरित कर 92,517 किसानों को लाभान्वित किया गया।
- भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 17,297 कुंतल बीज मिनीकिट से 2,04,693 किसान लाभान्वित हुए।
- दलहन खरीद में भी प्रदेश ने अच्छा प्रदर्शन किया; 2024-25 में 75.85 हजार मीट्रिक टन दलहन की खरीद की गई।
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भावी रणनीति और विशेष कार्यक्रमकृषि मंत्री ने बताया कि गन्ने के साथ अंतःफसली खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। रबी 2025-26 में 40,000 हेक्टेयर में मसूर की खेती और जायद 2026 में 1,00,000 हेक्टेयर में उर्द एवं मूँग की खेती का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
- जायद 2026 में 20,000 कुंतल उर्द एवं मूँग के प्रमाणित बीज अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- इन प्रयासों से दलहन उत्पादन में और वृद्धि की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय में स्थिर सुधार होगा और देश की दलहन जरूरतों में उत्तर प्रदेश का योगदान और मजबूत होगा।
यह सहायता और रणनीति उत्तर प्रदेश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।