• March 18, 2026

महाराष्ट्र समाचार डायरी: मुंबई में रियल एस्टेट धोखाधड़ी का भंडाफोड़, नासिक में सूर्य किरण का शौर्य और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

मुंबई/नासिक/लातूर: महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से अपराध, न्याय और रोमांच की कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। मुंबई पुलिस ने जहां घरों की खरीद-फरोख्त में चल रहे एक बड़े जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं नासिक में भारतीय वायु सेना के जांबाज आसमान में अपना करतब दिखाने को तैयार हैं। इसके साथ ही, लातूर से एक दिल दहला देने वाली आपराधिक घटना और दो दशक पुराने चोरी के मामले में हुई गिरफ्तारी ने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं राज्य की इन प्रमुख घटनाओं के बारे में।

मुंबई में जाली दस्तावेजों से फ्लैट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश: छह गिरफ्तार

मुंबई की मलाड पुलिस ने रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय एक शातिर गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरों के फ्लैट बेचकर घर खरीदारों को लाखों का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था; वे नामी रियल एस्टेट वेबसाइटों पर फ्लैटों के विज्ञापन पोस्ट करते थे और खुद को उन संपत्तियों का असली मालिक बताते थे।

इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक घर खरीदार के साथ 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने न केवल फ्लैट के कागजात में हेराफेरी की, बल्कि रजिस्ट्री या सौदे के दौरान असली मालिक के स्थान पर एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर दिया था ताकि खरीदार को शक न हो। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना, जिसकी पहचान अमित ठाकुर उर्फ कासिम उर्फ राशिद खान के रूप में हुई है, फिलहाल फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना उचित जांच-पड़ताल के प्रॉपर्टी के विज्ञापनों पर भरोसा कर लेते हैं।

20 साल बाद सलाखों के पीछे 4,000 रुपये का चोर: लातूर पुलिस की बड़ी कामयाबी

कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और लातूर पुलिस ने इसे सच कर दिखाया है। लगभग दो दशक (20 साल) पहले महज 4,000 रुपये की चोरी के मामले में फरार एक आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी बाबू लक्ष्मण संकोले, जो साल 2006 से पुलिस की पकड़ से बाहर था, लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। 10 जुलाई 2006 को लातूर की शाहूपुरी कॉलोनी में एक कार से म्यूजिक स्टीरियो चोरी करने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

वर्षों तक पुलिस को छकाने के बाद, आरोपी हाल ही में लातूर जिले की औसा तहसील में गन्ने की कटाई के काम में लगा हुआ पाया गया। पुलिस की एक विशेष टीम ने इस ठंडे बस्ते में पड़े मामले को फिर से खोला और खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी संकोले वर्तमान में याकटपुर रोड पर रह रहा है। पुलिस ने सोमवार को उसे हिरासत में लिया और अदालत में पेश किया, जहां से उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि अपराध चाहे छोटा हो या पुराना, पुलिस की फाइलों से वह कभी ओझल नहीं होता।

नासिक के गंगापुर बांध पर सूर्य किरण टीम का हवाई प्रदर्शन: आकाश में दिखेगा तिरंगा

नासिक वासियों के लिए 22 और 23 जनवरी का दिन रोमांच से भरा होने वाला है। भारतीय वायु सेना (IAF) की प्रसिद्ध एरोबेटिक टीम ‘सूर्य किरण’ नासिक के गंगापुर बांध पर अपना पहला भव्य एरो शो प्रस्तुत करने जा रही है। टीम के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने बताया कि सूर्य किरण टीम पहली बार गर्व के साथ नासिक के आसमान में राष्ट्रीय तिरंगा फहराते हुए अपने आदर्श वाक्य ‘सदैव सर्वोत्तम’ को चरितार्थ करेगी।

इस शो के दौरान नौ हॉक एमके-132 विमानों का समूह पानी के ऊपर महज 100 से 200 फीट की ऊंचाई पर खतरनाक और रोमांचक करतब दिखाएगा। यह प्रदर्शन ओझर हवाई अड्डे से संचालित होगा, जो गंगापुर बांध से लगभग 26 किलोमीटर दूर है। विंग कमांडर संदीप दयाल और स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल के नेतृत्व में टीम ने बुधवार सुबह मानचित्रण (Mapping) की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह आयोजन न केवल वायु सेना की शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि स्थानीय युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का एक माध्यम भी है।

अबू सलेम की पैरोल का कड़ा विरोध: “वह पुर्तगाल भाग सकता है”

गैंगस्टर अबू सलेम की 14 दिनों की पैरोल याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सलेम ने अपने बड़े भाई की मृत्यु के बाद रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी। राज्य सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल करते हुए तर्क दिया कि सलेम एक बेहद खतरनाक अपराधी है और यदि उसे जेल से बाहर आने दिया गया, तो वह देश छोड़कर भाग सकता है। सरकार के अनुसार, सलेम का भागना भारत और पुर्तगाल के बीच के अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों को बिगाड़ सकता है, क्योंकि उसे पुर्तगाल से कड़ी शर्तों के साथ प्रत्यर्पित किया गया था।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने भी पैरोल का विरोध किया और कहा कि सलेम की रिहाई से कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। सरकार ने सुझाव दिया कि उसे केवल दो दिनों की ‘आपातकालीन पैरोल’ दी जा सकती है, वह भी कड़ी सुरक्षा के बीच। जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी के लिए निर्धारित की है।

लातूर में मानवीय संवेदनाएं तार-तार: गुस्से में मां ने ली नवजात की जान

लातूर जिले से एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही एक साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, श्याम नगर इलाके में रहने वाली 30 वर्षीय महिला का अपने मजदूर पति के साथ देर से घर लौटने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद गुस्से से पागल हुई महिला ने घर में रखे धारदार चाकू से अपनी बेटी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्ची के शरीर के संवेदनशील अंगों, चेहरे और पेट पर इतने गहरे वार किए गए थे कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। एक मामूली पारिवारिक झगड़े का ऐसा खौफनाक अंत समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर पेश करता है।

नांदेड़ में फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र घोटाला: सात शिक्षक निलंबित

शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नांदेड़ प्रशासन ने सात शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इन शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वास्तविक विकलांगता के, फर्जी प्रमाण पत्रों का उपयोग करके विकलांगता कोटे का लाभ उठाया। पिछले साल सितंबर में शुरू किए गए सत्यापन अभियान के दौरान यह पाया गया कि एक प्रधानाध्यापक और छह अन्य शिक्षकों के प्रमाण पत्र जिला सिविल सर्जन कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं थे।

यह खुलासा होने के बाद प्राथमिक शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी को सेवा से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल कुछ शिक्षकों का मामला नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में कोई भी अपात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण आरक्षण का गलत लाभ न उठा सके।

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का फैसला: मृतक के माता-पिता को 23.45 लाख का मुआवजा

ठाणे के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MCT) ने एक न्यायोचित फैसला सुनाते हुए 2021 में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए 18 वर्षीय युवक के माता-पिता को 23.45 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायाधिकरण की अध्यक्ष रूपाली वी. मोहिते ने पाया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी, जो तेज रफ्तार वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टक्कर के बाद मौके से फरार हो गया।

ट्रिब्यूनल ने यह भी गौर किया कि ट्रक चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था, जो बीमा शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन है। हालांकि, पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को पहले भुगतान करने और बाद में वाहन मालिक से उस राशि की वसूली करने का निर्देश दिया है। यह फैसला उन परिवारों के लिए एक कानूनी उम्मीद है जिन्होंने सड़क हादसों में अपने अपनों को खोया है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *