• March 8, 2026

केजरीवाल के पास जेड प्लस सुरक्षा है, अब उनकी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है?- आप

 केजरीवाल के पास जेड प्लस सुरक्षा है, अब उनकी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है?- आप

आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। ‘आप’ की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश में पहली बार एक सीटिंग मुख्यमंत्री को गिरफ्तारी किया गया है। मुख्यमंत्री को जेड प्लस की सिक्योरिटी है। सवाल यह है कि अब उनकी सुरक्षा के लिए कौन ज़िम्मेदार है? वो ईडी के ऑफिस में है। वहां कौन जा रहा है? क्या लेकर जा रहा है? इसके लिए कौन ज़िम्मेदार होगा? आम आदमी पार्टी और पूरे देश की यह चिंता है कि क्या अरविंद केजरीवाल को ईडी की हिरासत में केंद्र सरकार पर्याप्त सुरक्षा दे रही है? क्योंकि केंद्र सरकार स्वयं मुख्यमंत्री के लिए जेड प्लस सुरक्षा की व्यवस्था करती है। ऐसे में केंद्र जबाव दे कि क्या ईडी की कस्टडी में अरविंद केजरीवाल को पर्याप्त सुरक्षा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की यह गिरफ्तारी सिर्फ़ और सिर्फ़ भाजपा के डर को दिखाता है। भाजपा को यह लगता है कि देश में कोई एक नेता है जो उन्हें चुनौती दे सकता है तो उस नेता का नाम अरविंद केजरीवाल है। इसलिए भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी जी हर संभव कोशिश कर रहे है कि वो आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को कुचल दे। इसलिए एक के बाद एक ‘आप’ के सभी शीर्ष नेताओं को झूठे आरोपों में भाजपा की राजनैतिक हथियार बन चुकी ईडी द्वारा गिरफ़्तार किया जा रहा है।

आतिशी ने भाजपा से कहा कि अरविंद केजरीवाल सिर्फ़ एक मुख्यमंत्री और एक नेता नहीं है, बल्कि अरविंद केजरीवाल एक विचार हैं, एक प्रेरणा है। अरविंद केजरीवाल वो व्यक्ति है जो अपनी आईआरएस की नौकरी छोड़ कर इस देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए सड़क पर उतर पड़े। उन्होंने कहा कि, आज अरविंद केजरीवाल को चुनाव से ठीक पहले गिरफ़्तार किया गया है।

उन्हें चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए गिरफ़्तार किया है। मैं भाजपा को बताना चाहती हूं कि एक केजरीवाल को गिरफ़्तार करेंगे तो हज़ारों केजरीवाल इस देश के संविधान और लोकतंत्र की बचाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। भाजपा ने लोकतंत्र को कुचलने के लिए एक के बाद एक विपक्ष के सभी नेताओं को टारगेट किया है। अगर ये विपक्षी नेता भाजपा में चले जाते है तो उनके खिलाफ केस बंद हो जाते है और वो भाजपा में नहीं जाते हैं तो जेल में बंद कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि ईडी-सीबीआई से डराकर-धमकाकर कंपनियों से इलेक्ट्रॉल बॉण्ड द्वारा हज़ारों करोड़ों की उगाही की गई। एक तरफ हेमंत सोरेन की गिरफ़्तारी होती है तो दूसरी तरफ़ कांग्रेस का बैंक अकाउंट फ्रीज होता है। ये आने वाले लोकसभा चुनावों की प्रभावित करने का तरीक़ा है। विपक्ष को ख़त्म करने का तरीक़ा है।

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