नारनौल के युवा मनमोहन ने ऑनलाईन रामलीला दिखाने का उठाया बीड़ा
अपनी कला को मंच देना एक कलाकार के लिये सब कुछ है, लेकिन साथ ही दर्शक का होना बहुत जरूरी है। आज के दौर में रामलीलाओं के अस्तित्व पर बड़ा खतरा बनता दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद इस आधुनिक युग में युवा नई.नई तकनीकों के माध्यम से इस कला व श्रीराम के जीवन को जीवंत बनाए रखने में जूटे हुए हैं। ऐसा ही प्रयास करने में नारनौल के युवा कलाकार मनमोहन सोनी पिछले तीन वर्षों से लगे हुए हैं। उन्होंने सात स्थानों पर हो रही रामलीलाओं को ऑनलाईन दिखाने का बीड़ा उठाया है।
रविवार को मनमोहन सोनी ने बताया कि श्रीराम के जीवन चरित्र को युवाओं में ढालना आज के समय की मांग ही नही अपितु परिवार व समाज को संगठित रखने का सबसे सरल साधन है। लेकिन दुर्भाग्य है कि समयाभाव के कारण आज का युवा रामलीला मंचन कार्यक्रम स्थल पर जाकर नही देख रहा है। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने हरियाणवी फॉक एचडी पर हर रोज रामलीला दिखाने का मन बनाया। लोग अपने खाली समय में व सुविधानुसार रामलीला देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला का मंचन 12 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक हरियाणवी फॉक एचडी पर दिखाया जाएगा। जिसमें प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर हो रही सात रामलीलाओं का मंचन शामिल हैं। इसमें नारनौल की दो रामलीलाएं भी शामिल हैं। लोग अपनी रूची के अनुसार रामलीलाओं का आनंद ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता का वास हो गया हो लेकिनए ब्रह्माण्ड व जीवन में ईश्वर के अस्तित्व को न कभी पूर्व में नकारा गया और न ही भविष्य में कभी अनदेखा किया जा सकेगा। विशेषकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन चरित्र को समझने व आत्मसात करने के प्रति आज की युवा पीढ़ी में रुझान बढ़ाना पड़ेगा। जब तक बार-बार श्रीराम के चरित्र को नही देखा जाएगा तब तक रामलीला के सही अर्थ को नही समझा जा सकता। इस मौके पर मौजूद रामलीला के प्रधान संजय गर्ग व मास्टर सत्यनारायण हरित ने कहा कि भारत में सर्वाधिक पूजे जाने वाले श्रीराम के आदर्शों को समझने के लिए उठाया गया यह कदम निःसंदेह ही सराहनीय है।




