ataltv.com

Hindi News, Breaking Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, ताजा हिंदी ख़बरें

मछुआ समुदाय को आपदा एवं बीमारी में वित्तीय सहायता देगी सरकार, मांगा गया आवेदन

केन्द्र की मोदी एवं राज्य की योगी सरकार मछुआ समाज को स्वास्थ्य सहायता देने का महा अभियान चलाया है। इसके तहत मछुआ समुदाय एवं परम्परागत मत्स्य पालन करने वाले लोगों को दैवीय आपदा से हुई किसी क्षति की स्थिति में अधिकतम 04 लाख रुपये एवं गंभीर बीमारी के उपचार कराने के लिए 05 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की जाएगी। शासन ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा है। यह सहायता उन्हें दी जाएगी जो किसी अन्य सरकारी योजना का लाभार्थी नहीं हैं। यह जानकारी मंगलवार को सहायक निदेशक मत्स्य एन.के.अग्रवाल ने दी।

उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग के निदेशक ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में आच्छादित मछुआ समुदाय एवं परम्परागत मत्स्य पालन करने वालों को दैवीय आपदा से हुई किसी क्षति की स्थिति में वित्तीय सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन विभागीय पोर्टल http://fisheries.up.gov.in पर आवेदन मांगा है। आवेदन की पात्रता की जांच उप जिलाधिकारी से होना चाहिए। ऐसे लोगों को अधिकतम सहायता 04 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता हृदय की शल्य क्रिया, गुर्दा का प्रत्यारोपण, लिवर (यकृत) का प्रत्यारोपण, मस्तिष्क की शल्य क्रिया, रीढ़ की हड्डी की शल्य क्रिया, पैर के घुटने बदलना, कैंसर का उपचार, एच.आई.वी.एड्स, आंख की शल्य क्रिया, अपेंडिक्स की शल्य क्रिया, महिलाओं का होने वाले स्तन कैंसर की शल्य क्रिया, सर्वाइकल (बच्चेदानी एवं योनि) कैंसर की शल्य क्रिया, अन्य गंभीर बीमारी जिसमें एक सप्ताह तक चिकित्सालय में भर्ती होकर उपचार कराया गया हो, आदि समस्त बीमारियों का उपचार कराने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली की दर से चिकित्सा सहायता मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सत्यापित बिल वाउचर, आवेदन ऑनलाइन विभागीय पोर्टल पर प्रति परिवार प्रति वर्ष अधिकतम 05 लाख रुपये तक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए प्रमुख अभिलेख बीमारी से सम्बन्धित, चिकित्सक अथवा चिकित्सालय द्वारा प्रमाणित दवाइयों के क्रय पर हुए मूल बिल वाउचर, गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार करने वाले चिकित्सक अथवा चिकित्सालय प्रमाण पत्र होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बताया कि लाभार्थी भारत सरकार एवं उ.प्र. सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य योजना से उक्त सहायता प्राप्त न होने की स्थिति में पात्रता सुनिश्चित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *