केन्द्र सरकार उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए देगा पूरा सहयोग: सुधांशु पंत
केन्द्र सरकार उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूरा सहयोग देगी। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत निर्माणाधीन चिकित्सा इकाइयों में तेजी लाई जाए।
गुरुवार को सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ओ.एस.डी. सुधांशु पंत की अध्यक्षता में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान ओ.एस.ड. सुधांशु पंत ने राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग के यू कोट वी पे मॉडल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स के मनोबल को बढ़ाने के लिए उच्चतम वेतन प्रदान करने के कार्य को अत्यधिक सराहा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स क्षेत्र के लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा देने का काम कर कर रहे हैं जो सराहनीय है।
बैठक में सुधांशु पंत ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) योजना के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से उत्तराखंड के अधिक से अधिक लोगों को मिल रहे लाभ की भी सराहना की। प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जिनमें क्रिटिकल केयर ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज व अन्य निर्माणाधीन कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने चिकित्सा इकाइयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने व दिसंबर 2023 तक निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस दौरान सुधांशु पंत द्वारा उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना माहमारी के दौरान कोरोना की रोकथाम प्रबंधन की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों व मैदानी इलाकों में कोरोना टीकाकरण सहित अन्य मैनेजमेंट में अच्छा कार्य किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधित सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए यह आवश्यक है कि स्वास्थ्य संबंधित परियोजनाएं जो गतिमान है उसका विभाग द्वारा स्तत अनुसरण व अनुपालन किया जाये ताकि इन योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक में डॉ आर राजेश कुमार सचिव स्वास्थ्य, रोहित मीणा मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, अमनदीप कौर अपर सचिव स्वास्थ्य, डॉ विनीता शाह महानिदेशक स्वास्थ्य, डॉ आशुतोष सयाना निदेशक चिकित्सा शिक्षा आदि अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



