यूपी चुनाव 2027: मुरादाबाद में सपा की बढ़ी हलचल, राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी की एंट्री से टिकट की जंग तेज!
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुरादाबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी में पूर्व भाजपा विधायक राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी के शामिल होने के बाद मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दोनों नेताओं की सपा में एंट्री ऐसे समय हुई है, जब सभी राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अभी मुरादाबाद नगर सीट से अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी इस सीट से टिकट की दावेदारी करेंगे या पार्टी उन्हें कोई दूसरी जिम्मेदारी सौंपेगी।
ये नेता भी समाजवादी पार्टी में शामिल
राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी के अलावा भवानी शुक्ला ने भी अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके बेटों के नाम श्रीकृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, शंकर भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और राम भगवान शुक्ला बताए गए हैं।
इस दौरान सपा कार्यालय में ‘जय भवानी, जय अखिलेश’ के नारे भी लगाए गए। पार्टी में नए नेताओं के शामिल होने को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन विस्तार की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा से बसपा और अब सपा में पहुंचे राजीव चन्ना
राजीव चन्ना का मुरादाबाद की राजनीति में पुराना अनुभव रहा है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर मुरादाबाद पश्चिम सीट से चुनाव लड़ा था और विधायक निर्वाचित हुए थे।
इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। अब समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद उनकी अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मुरादाबाद नगर सीट से उनकी संभावित दावेदारी को भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सपा से भाजपा और अब फिर सपा में मनमोहन सैनी
मनमोहन सैनी का भी समाजवादी पार्टी से पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। भाजपा में रहते हुए वह पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे। अब उनकी सपा में वापसी के बाद मुरादाबाद की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राजीव चन्ना की तरह मनमोहन सैनी के नाम को भी मुरादाबाद नगर सीट की संभावित दावेदारी के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेता इसी सीट से टिकट मांगेंगे या पार्टी नेतृत्व उन्हें अन्य जिम्मेदारियां देगा।
782 वोटों से हारे थे सपा प्रत्याशी
मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बेहद करीबी मुकाबला हुआ था। भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता ने सपा के मोहम्मद यूसुफ अंसारी को महज 782 वोटों के अंतर से हराया था।
कम अंतर से हुए इस मुकाबले के कारण आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन और दोनों दलों की रणनीति अहम मानी जा रही है। ऐसे में सपा में नए नेताओं के शामिल होने के बाद मुरादाबाद नगर सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं बढ़ गई हैं।
क्या मुरादाबाद नगर सीट से मिलेगा टिकट?
राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी के सपा में शामिल होने के बाद अब निगाहें पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर हैं। दोनों नेताओं का राजनीतिक अनुभव और अलग-अलग दलों में उनकी सक्रियता उन्हें स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रही है।
हालांकि, किसी नेता की पार्टी में एंट्री को टिकट मिलने का संकेत नहीं माना जा सकता। मुरादाबाद नगर सीट पर उम्मीदवार का फैसला सपा नेतृत्व को करना है। आने वाले समय में पार्टी की चुनावी रणनीति और संभावित प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
गौरतलब है कि बुधवार को समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक भी भाजपा में शामिल हुए थे। ऐसे में यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं।
