मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल! जनता शक्ति पार्टी के ऐलान से यूपी की सियासत में हलचल
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की खबरों ने जिले के सियासी माहौल को गर्मा दिया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह जनता शक्ति पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। हालांकि, पार्टी और उम्मीदवारी को लेकर अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
मिर्जापुर सदर सीट का राजनीतिक इतिहास भी खास रहा है। देश के वर्तमान रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह भी इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। ऐसे में दिव्या मित्तल का इस सीट से चुनाव लड़ने का संभावित फैसला राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
जनता शक्ति पार्टी के नाम में ‘शक्ति’ की चर्चा
दिव्या मित्तल की संभावित पार्टी के नाम में शामिल ‘शक्ति’ शब्द को मां विंध्यवासिनी की आध्यात्मिक शक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में पार्टी के नाम और जिले के धार्मिक महत्व को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से पहले भी प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। जिलाधिकारी के रूप में काम करने के दौरान वह जिले में कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रही थीं। अब उनके राजनीतिक मैदान में उतरने की खबरों के बीच यह देखना अहम होगा कि वह अपने प्रशासनिक अनुभव को किस तरह चुनावी राजनीति में आगे बढ़ाती हैं।
मिर्जापुर सदर सीट पर क्या है राजनीतिक समीकरण?
मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट पर 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के रत्नाकर मिश्रा ने जीत दर्ज की थी। वहीं, राजनाथ सिंह भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। ऐसे में अगर दिव्या मित्तल यहां से चुनाव लड़ती हैं, तो मुकाबले में एक नया राजनीतिक विकल्प सामने आ सकता है।
मिर्जापुर की राजनीति में केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का भी प्रभाव रहा है। ऐसे में दिव्या मित्तल की संभावित राजनीतिक पारी को लेकर जिले में चर्चा बढ़ गई है।
दिव्या मित्तल के अगले कदम पर टिकी निगाहें
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति में आने के संकेत दिए थे। उन्होंने अपने अगले कदम को सार्वजनिक करने की बात भी कही थी। अब उनके चुनाव लड़ने और नई पार्टी के नाम को लेकर सामने आ रही जानकारी के बीच उनके आधिकारिक ऐलान पर निगाहें टिकी हैं।
हालांकि, चुनाव लड़ने की अंतिम घोषणा, पार्टी की स्थिति और उम्मीदवार के तौर पर उनकी औपचारिक पुष्टि के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिलहाल, दिव्या मित्तल के संभावित राजनीतिक कदम ने मिर्जापुर की सियासत में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
