• June 27, 2026

मंगलवार 4 जुलाई से शुरू होगा सावन

 मंगलवार 4 जुलाई से शुरू होगा सावन

हर हर महादेव, जय भोले….भगवान शंकर का प्रिय महीना सावण मास  4 जुलाई से शुरू होने वाला हैं। इस साल सावन मास पूरे दो महीने का रहेगा। भगवान भोले बाबा की श्रद्धालु मनुहार करते नजर आएंगे।सावन के महीने को श्रावण के नाम से भी जाना जाता है। यह पावन माह भोले बाबा के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। सावन मास में नदियों पानी भरकर कांवड़ लाई जाती है।सावन शुरू होते है कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। सावन माह पूरे देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। श्रावण का महीना इस बार जुलाई से शुरू होगा और इस माह का समापन अगस्त में होगा। इस वर्ष श्रावण का माह 4 जुलाई से शुरू होगा और इसका समापन 31 अगस्त को होगा। यानी कि सावन 59 दिनों के रहेंगे। जिसमें सावन के 08 सोमवार पड़ेंगे। इस साल का सावन बेहद खास रहने वाला है। क्योंकि इस बार सावन 59 दिनों के रहेंगे। ये संयोग लगभग 19 वर्ष बाद बनने जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार अधिकमास की वजह से सावन 2 माह का पड़ रहा है। अधिकमास की शुरुआत 18 जुलाई से होगी और 16 अगस्त इसका समापन होगा। इस बार श्रावण का माह तकरीबन 2 महीने का होगा। यानि हर श्रावण में 4 या 5 सोमवार ही पड़ते थे और शिवभक्त भगवान भोले की पूजा अर्चना करते थे।लेकिन इस बार सावन में 8 सोमवार पड़ेंगे। इसलिए इस बार 2 माह तक शिव भक्ति की बयार बहती रहेगी। इस दौरान शिव जी का अभिषेक, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, गंगा जल से अभिषेक किया जाएगा। साथ ही भक्त गंगा से कावंड भरकर भी लाएंगे और शिवजी को गंगा जल अर्पित करेंगे।

श्रावण माह के सोमवार की तिथियां

*श्रावण का पहला सोमवार: 10 जुलाई
श्रावण का दूसरा सोमवार: 17 जुलाई
श्रावण का तीसरा सोमवार: 24 जुलाई
श्रावण का चौथा सोमवार: 31 जुलाई
श्रावण का पांचवा सोमवार: 07 अगस्त
श्रावण का छठा सोमवार:14 अगस्त
श्रावण का सातवां सोमवार: 21 अगस्त
श्रावण का आठवां सोमवार: 28 अगस्त*

श्रावण सोमवार के सभी व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित हैं। इसलिए, सावन में यह कावड़ यात्रा निकाली जाती है। कावड़ में भगवान शिव के सभी भक्त छोटे छोटे बर्तनों में पवित्र नदियों से जल लेकर आते हैं। साथ ही केसरिया रंग के कपड़े भी पहनते है। और अपनी भक्ति और समर्पण के प्रतीक के रूप में भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थानों तक पैदल चलते हैं।

 

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद डाक विभाग के माध्यम से मात्र ₹ 251 रूपये का ई-मनीआर्डर भेजकर घर बैठे प्राप्त करे

इस बार का सावन अधिमास के कारण बेहद खास है। सावन में शिव आराधना की विशेष महिमा है। हर किसी की इच्छा होती है कि वह भगवान शिव के ज्योतिर्लिङ्ग स्वरूप का दर्शन और आशीर्वाद स्वरुप प्रसाद पा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। परन्तु कुछ श्रद्धालु चाहकर भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन नहीं कर पाते। अब ऐसे श्रद्धालुओं को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से लोग देश के किसी भी कोने में घर बैठे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। सावन माह में डाक विभाग ने इसके लिए विशेष प्रबंध किये हैं। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच हुये एक एग्रीमेण्ट के तहत देश के किसी भी कोने में रह रहे श्रद्धालु स्पीड पोस्ट से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद मँगा सकते हैं। इसके तहत अपने नजदीकी डाकघर से मात्र ₹ 251 रूपये का इलेक्ट्रानिक मनीआर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल-221001 के नाम भेजना होगा। ई-मनीऑर्डर प्राप्त होते ही डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाएगा। डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ इनवेलप में होगा, जिसके ऊपर वाराणसी के घाट पर जारी डाक टिकट की प्रतिकृति भी अंकित होगी। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। इसके अलावा इसे मात्र ₹ 201 में वाराणसी सिटी डाकघर के काउंटर से भी प्राप्त किया जा सकता है

प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी पूर्वी मंडल श्री राजन ने बताया कि, डाक विभाग ने इस बात के भी प्रबंध किए हैं कि, श्रद्धालुओं को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एस.एम.एस के माध्यम से मिलेगा। इसके लिए उन्हें ई-मनीऑर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

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