सेना का कर्नल बन करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार
जिले की गुलाबपुरा पुलिस ने युवाओं को अपने जाल में फंसा कर सरकारी नौकरी का झांसा दे करोडों रुपये ठगने वाले कर्नल को गिरफ्तार किया है। दस हजार रुपये का ईनामी ठग प्रेम सिंह उर्फ छीतर सिंह उर्फ कर्नल को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया की नोकरी का झांसा देकर करोड़ो रुपए हजम करने वाला 10 हजार का इनामी ठग रविवार को पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
पुलिस के अनुसार राजेश कुमार जांगिड निवासी लक्ष्मणगढ ने गुलाबपुरा पुलिस में रिपोर्ट दी थी। वर्ष 2021 में मैंने पटवारी की परीक्षा दी तथा मेरी भाभी आशा ने रीट की परीक्षा दी। मेरे साले राकेश ने ग्राम सेवक की परीक्षा दी। मेरे मामी ससुर के लडके राजेश कुमार ने रीट की परीक्षा दी। इसी दौरान मेरी भाभी संगीता के आयुर्वेदिक उपचार के लिए आगुचा जिला भीलवाडा में ईलाज के सम्बन्ध में फरवरी 2021 में मेरा आना जाना हुआ। वहां मेरा परिचय प्रेम सिंह बैसला उर्फ छितरमल कर्नल से परिचय हुआ। उसने उसको व रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के नाम से बहत्तर लाख रुपये मांगे और कहा कि मैं तुम्हारे परिवार के चारों जनों की नौकरी लगा दूंगा। विश्वास करके पैंतीस लाख पचहत्तर हजार रुपये सांवरिया होटल गुलाबपुरा में दिये गये। उसके बाद छत्तीस लाख पचहत्तर हजार रुपये आश्रम में दिये। परीक्षा में चयन नहीं हुआ। अपनी रकम का तकाजा किया। तो धमकाया कि कोई रकम नहीं मिलेगी आयन्दा रुपयों की मांग की तो तुम्हें जान से खत्म करवा दूंगा।
जिला पुलिस अधीक्षक भीलवाडा ने प्रकरण की गंभीरता में इस राज्य स्तरीय ठग पर दस हजार रुपये का ईनाम घोषित कर रखा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भीलवाडा विमल सिंह नेहरा व पुलिस उप अधीक्षक वृत गुलाबपुरा लोकेश मीना के सुपरविजन में सुगनसिंह थानाधिकारी गुलाबपुरा ने सेना का कर्नल बता लोगों को नौकरी लगाने के नाम पर झांसा दे 72 लाख 50 हजार रुपये हडप लेने वाले तथाकथित प्रेम सिंह उर्फ छीतर सिंह उर्फ कर्नल की गिरफतारी के लिए टीम का गठन किया। टीम ने सात दिन तक उदयपुर राजसमन्द व देलवाडा में अथक प्रयास कर तथाकथित कर्नल प्रेम सिंह उर्फ छीतर सिंह बैंसला को गिरफ्तार किया। देलवाडा में तथाकथित कर्नल लोगो में अपनी धाक जमाने के लिये गरबा का आयोजन करवा रहा था।
भारतीय सेना से तथाकथित कर्नल प्रेमसिह का हो रखा है कोर्टमार्शल- प्रेमसिह उर्फ छीतरमल बैंसला का सन 1998 में जहाजपुर थाने के भारतीय सेना और बैंक में नौकरी लगाने के प्रकरण में चालान होने तथा 2003 में न्यायालय द्वारा सजायाप्त होने की सूचना पर भारतीय सेना द्वारा कोर्टमार्शल किया गया था।




