• February 11, 2026

पहलगाम आतंकी हमला: गृह मंत्रालय की सिफारिश पर 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर भारत में प्रतिबंध

श्रीनगर/नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, और भारत ने कई जवाबी कदम उठाए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण कदम गृह मंत्रालय की सिफारिश पर 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर भारत में प्रतिबंध लगाना है। इन चैनलों पर भारत, भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भड़काऊ, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री, झूठे और भ्रामक बयानों के साथ-साथ गलत सूचनाएं फैलाने का आरोप है। यह लेख इस घटनाक्रम, इसके कारणों, और इसके व्यापक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करता है।
पहलगाम हमले का विवरण
22 अप्रैल 2025 को, पहलगाम के बैसरण मीडो, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, में आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय कश्मीरी सहित 26 लोग मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हमले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर सबूत इकट्ठा करने में जुट गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए हैं, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं।
हमले के बाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा के विशेष सत्र में इसे 21 वर्षों में सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा, “मैंने 26 साल में पहली बार कश्मीरी लोगों को इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरते देखा है, जो इस हमले के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। कश्मीरी लोग हिंसा नहीं चाहते।” यह बयान कश्मीरी समाज के बदलते रुख को दर्शाता है, जहां लोग अब आतंकवाद के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं।
16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध
गृह मंत्रालय की सिफारिश पर, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 28 अप्रैल 2025 को 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया। इन चैनलों के पास कुल 63.08 मिलियन सब्सक्राइबर्स थे। प्रतिबंधित चैनलों में प्रमुख पाकिस्तानी समाचार चैनल जैसे डॉन न्यूज (1.96 मिलियन सब्सक्राइबर्स), समा टीवी (12.7 मिलियन), एआरवाई न्यूज (14.6 मिलियन), बोल न्यूज (7.85 मिलियन), रफ्तार, जियो न्यूज, सुनो न्यूज, और जीएनएन शामिल हैं। इसके अलावा, व्यक्तिगत चैनलों जैसे उजैर क्रिकेट, द पाकिस्तान रेफरेंस, रज़ी नामा, समा स्पोर्ट्स, और पत्रकारों मुनिब फारूक, उमर चीमा, अस्मा शिराजी, और इरशाद भट्टी के चैनल भी बैन किए गए।
गृह मंत्रालय के अनुसार, ये चैनल पहलगाम हमले के बाद भारत के खिलाफ “भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री” प्रसारित कर रहे थे। इनमें भारतीय सेना, सुरक्षा एजेंसियों, और भारत की संप्रभुता पर झूठे और भ्रामक दावे शामिल थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा थे। भारतीय उपयोगकर्ताओं को अब इन चैनलों तक पहुंचने पर एक संदेश दिखाई देता है, जिसमें कहा गया है, “यह सामग्री राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सरकारी आदेश के कारण इस देश में उपलब्ध नहीं है।”
इसके अतिरिक्त, भारत ने बीबीसी की कवरेज पर भी आपत्ति जताई, क्योंकि उसने हमले में शामिल आतंकवादियों को “उग्रवादी” (मिलिटेंट्स) कहा था। विदेश मंत्रालय की एक्सपी डिवीजन ने बीबीसी इंडिया की प्रमुख जैकी मार्टिन को एक औपचारिक पत्र लिखकर भारत की “कड़ी भावनाओं” को व्यक्त किया और बीबीसी की आगे की रिपोर्टिंग पर नजर रखने की बात कही।

इंडस वाटर ट्रीटी का निलंबन और झेलम में बाढ़
पहलगाम हमले के जवाब में, भारत ने 24 अप्रैल 2025 को इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करने की घोषणा की। यह 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हस्ताक्षरित एक जल-बंटवारा समझौता है, जो सिंधु, झेलम, और चिनाब नदियों के पानी के उपयोग को नियंत्रित करता है। भारत ने इस निलंबन को तब तक लागू रखने का फैसला किया है, जब तक पाकिस्तान “सीमा पार आतंकवाद” को पूरी तरह से बंद नहीं करता।
इसके बाद, 26 अप्रैल को, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में झेलम नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने की खबरें आईं। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि भारत ने उरी बांध से बिना सूचना के पानी छोड़ा, जिससे बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को तत्काल इलाका खाली करने की अपील की, जिससे दहशत फैल गई।
पाकिस्तान ने इसे “जल आतंकवाद” करार दिया और भारत पर संधि का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। हालांकि, भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास अभी पश्चिमी नदियों के पानी को पूरी तरह रोकने की बुनियादी ढांचागत क्षमता नहीं है, और पानी छोड़ना भारी बारिश के कारण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। फिर भी, संधि के निलंबन से जल-संबंधी डेटा साझा करने की प्रक्रिया रुक गई है, जिससे पाकिस्तान में बाढ़ या सूखे का जोखिम बढ़ सकता है
भारत की अन्य जवाबी कार्रवाइयां
पहलगाम हमले के बाद भारत ने कई कड़े कदम उठाए हैं:
  1. पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द: भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा (लॉन्ग-टर्म, राजनयिक, और आधिकारिक वीजा को छोड़कर) 27 अप्रैल से रद्द कर दिए। चिकित्सा वीजा 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे। सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।

  2. अटारी चेकपोस्ट बंद: भारत ने अटारी-वाघा सीमा पर एकीकृत चेकपोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया।

  3. पाकिस्तान के साथ व्यापार निलंबित: भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापारिक संबंध, जिसमें तीसरे देशों के माध्यम से होने वाला व्यापार भी शामिल है, निलंबित कर दिया।

  4. सुरक्षा बढ़ाई गई: भारतीय सेना ने कश्मीर में कई तलाशी अभियान शुरू किए हैं और चार आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया है। एनआईए ने हमले की जांच तेज कर दी है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने पहलगाम हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और एक “निष्पक्ष जांच” की मांग की है, जिसमें रूस, चीन, या पश्चिमी देशों की भागीदारी हो। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये देश जांच कर सकते हैं कि “भारत सच बोल रहा है या नहीं।”
पाकिस्तान ने जवाबी कदम उठाते हुए भारतीय नागरिकों के लिए वीजा निलंबित कर दिए और उन्हें 30 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया। इसके अलावा, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और शिमला समझौते को निलंबित करने की धमकी दी।
**कश्मीIीति के खिलाफ (कश्मीरी आतंकवादी) की हत्या के बाद 26 लोगों की हत्या, आतंकवादी संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेएमआई) के आतंकवादी) की हत्या के बाद 26 लोगों की हत्या। कश्मीरी आतंकवादी संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेएमआई) के आतंकवादी) की हत्या के बाद 26 लोगों की हत्या।
कश्मीरी समाज और पर्यटन पर प्रभाव पहलगाम हमले ने कश्मीरी समाज और पर्यटन उद्योग पर गहरा प्रभाव डाला है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस हमले ने कश्मीर की छवि को धक्का पहुंचाया है, और पर्यटकों को सुरक्षित वापस भेजना उनकी जिम्मेदारी थी, जिसमें वे असफल रहे।
पर्यटन, जो कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, को भारी नुकसान हुआ है। कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दीं, और होटल व टूर ऑपरेटरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की घोषणा की है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे और सीआरपीएफ की तैनाती शामिल है।
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